बसपा को मिली अप्रत्याशित जीत
पश्चिम यूपी में जाटों की सियासत में जहां भाजपा और सपा-रालोद गठबंधन ताकत झोंक रहे हैं, वहीं दूसरे दल भी कसर नहीं छोड़ रहे। सभी जाट वोट में सेंध लगाने की कोशिश में हैं। जाट बहुल सीटों पर भाजपा और रालोद की जोर आजमाइश में हाथी को अप्रत्याशित सफलता मिल चुकी है। 2017 के चुनाव में मथुरा की मांट सीट से बसपा के श्यामसुंदर शर्मा को 432 वोटों के मामूली अंतर से जीत मिली थी। रालोद के योगेश चौधरी को 65430 वोट मिले थे। दो फरवरी को बसपा मुखिया मायावती ने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत के लिए आगरा को चुना।
सीट जहां जाटों का समीकरण
- फतेहपुर सीकरी- 1.10 लाख
- आगरा ग्रामीण- 60 हजार
- मथुरा में मांट- 1.30 लाख
- मथुरा में बलदेव- 1.20 लाख
- मथुरा में छाता- 50 हजार
- मथुरा में गोवर्धन क्षेत्र- 70 हजार
- हाथरस में सादाबाद क्षेत्र- 1.30 लाख
- अलीगढ़ में इगलास- 1.05 लाख
- अलीगढ़ की खैर सीट- 1.05 लाख
(अखिल भारतीय जाट महासभा के अनुसार अनुमानित आंकड़े)