ताजनगरी में भीषण गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। 43.6 डिग्री सेल्सियस के साथ रविवार सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। वहीं न्यूनतम पारा 24 डिग्री दर्ज किया गया। गर्मी का असर पर्यटन पर भी देखने को मिला। आम दिनों में वीकेंड पर ताज का दीदार करने 40 हजार से ज्यादा पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन रविवार को यह आंकड़ा महज 16,645 पर सिमट गया। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। लोगों के साथ पशु-पक्षी भी बेहाल दिखे।
मौसम विज्ञान विभाग ने आगरा और आसपास के क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 20 अप्रैल से क्षेत्र में तीव्र हीटवेव (लू) चलने की आशंका है। अगले तीन दिनों तक गर्म पछुआ हवाएं लोगों को सताएंगी। सूखी गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों को दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच बेवजह बाहर न निकलने की सलाह दी है।
भीषण गर्मी और तपिश के कारण दोपहर के समय ताजमहल परिसर के मुख्य हिस्सों में सन्नाटा पसरा नजर आया। रॉयल गेट से लेकर सेंट्रल टैंक तक पर्यटकों की आवाजाही बेहद कम रही। खास बात यह रही कि सेंट्रल टैंक स्थित डायना बेंच, जहां फोटो खिंचवाने के लिए पर्यटकों में होड़ मची रहती है और लंबी कतारें लगती हैं, रविवार दोपहर वहां पर्यटकों की संख्या बेहद कम रही। चिलचिलाती धूप के कारण पर्यटक स्मारकों में घूमने के बजाय छायादार जगहों की तलाश करते नजर आए। आगरा किला और अन्य स्मारकों पर भी पर्यटकों की संख्या बेहद कम रही।
प्यासे रहे पर्यटक, बंद मिले दोनों आरओ प्लांट
ताजमहल के पश्चिमी गेट के पास पर्यटकों की सुविधा के लिए दो आरओ प्लांट लगवाए गए हैं, लेकिन रविवार को ये दिखावा साबित हुए। भीषण गर्मी में जब पर्यटकों को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब दोनों ही प्लांट बंद पड़े थे। इसके चलते पर्यटकों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा और मजबूरी में महंगी बोतलों का सहारा लेना पड़ा।