फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra: बेमौसम बारिश से सहमा सब्जियों का राजा, आगरा में आलू किसानों की बढ़ी धड़कन

Thu, 29 Jan 2026 08:57 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में बेमौसम हुई बारिश ने आलू उत्पादक किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। लगातार नमी और बारिश से खड़ी फसलों में सड़न का खतरा है, जबकि कटी हुई सरसों की फसल भी खराब होने की आशंका है।
विज्ञापन
आलू की फसल। संवाद - फोटो : samvad
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

]बेमौसम बारिश की मार से खेतों में फल-फूल रहे सब्जियों के राजा (आलू) की फसल और किसान दोनों संकट में आ गए हैं। क्षेत्र में मंगलवार को दिनभर रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण बुधवार को दूसरे दिन भी आलू उत्पादक किसानों की धुकधुकी चलती रही। मौसम के करवट लेने पर अचानक हुई बारिश और मौसम विभाग के ओले गिरने की आशंका ने खेतों में खड़ी फसलों को देख अन्नदाता की धड़कनें और बढ़ा दी हैं।
विज्ञापन


बुधवार को दूसरे दिन भी आसमान में घने काले बादल छाए रहे। गांव छोटा सुरहरा निवासी किसान सुरेश चंद्र सुबह से आसमान की ओर टकटकी लगाए रहे। उन्होंने बताया पहले यमुना नदी के उफान ने सब्जी और बाजरा की फसल चौपट कर दी। फिर खेतों में अधिक नमी के कारण आलू की बुआई देर से हुई। बुआई के समय भी लगातार बारिश ने फसल को कमजोर कर दिया। वह पहले 60 बीघा से अधिक आलू की खेती करते थे, लेकिन लगातार हो रहे नुकसान के चलते इस बार हिम्मत जवाब दे गई। अब फलती-फूलती फसल पर फिर से संकट आ गया है। अगर ओलावृष्टि हुई, तो सब कुछ खत्म हो जाएगा।

संवाई निवासी किसान दलवीर सिंह सिकरवार भी इसी चिंता में डूबे हैं। उन्होंने बताया कि यदि मौसम का ऐसा ही रुख रहा तो आलू और सरसों की फसल उत्पादक किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। शेखपुरा निवासी किसान प्रेम सिंह परेशान नजर आए। उनकी 17 बीघा में बोई गई सरसों की फसल पूरी तरह पक चुकी है। दो दिन पहले कटाई कराई गई थी, लेकिन बारिश ने खेत में कटी रखी फसल के लिए संकट पैदा कर दिया है। इसी गांव के किसान भोला त्यागी ने बताया कि उनकी 60 बीघा आलू की फसल में नमी बढ़ने से सड़न पैदा होने की चिंता पैदा कर दी है।
विज्ञापन



यहां बड़े पैमाने पर होती है आलू की खेती
बुधवार को खेतों में खड़े किसान अपनी फसल बचाने के उपाय करते नजर आए। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत खंदौली, बहरामपुर, उस्मानपुर, नेकपुर, उजरई, आंवलखेड़ा, बरहन, अहारन, मितावली, चावली और संवाई आदि में बड़े पैमाने पर आलू की खेती की जाती है। आलू उत्पादन के प्रमुख इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था आलू की खेती पर ही अधिक निर्भर है। बेमौसम बारिश ने क्षेत्रीय किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें