आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) का निरीक्षण कराने की तैयारी चल रही है। विभिन्न सेल गठित किए जा रहे हैं। संस्थानों व विभागों की ओर से प्रस्तुतीकरण लिया जा रहा है। अकादमिक परीक्षण भी कराया जाना है। जबकि विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए आवासीय सुविधा नहीं है। इसकी दरकार है। नैक टीम ने विश्वविद्यालय में छात्रावास की कमी बताई थी।
विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) में 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं का पंजीकरण हैं। अधिकतर छात्र दूसरे जिलों के हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के छात्र-छात्राएं भी बड़ी संख्या हैं। यह विश्वविद्यालय के आसपास के क्षेत्रों में किराये पर कमरा लेकर रहते हैं। फार्मेसी विभाग छलेसर परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया है। इसमें भी दूसरों के जिलों के छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। छलेसर परिसर में छात्रावास बना हुआ है। यह धूल फांक रहा है। जब से बना है, ताला ही लगा है। इसमें 146 छात्रों के रहने की व्यवस्था है। इसका संचालन नहीं किया जा रहा है। यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान का भवन दिसंबर 2016 से बनकर तैयार है। इस पर ताला लगा हुआ है। एक हिस्से में फार्मेसी विभाग संचालित किया जा रहा है।
आईईटी की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन को पहले छात्रावास बनाने के लिए जगह उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया जा सकता है। विश्वविद्यालय को जगह ही देनी है। एआईसीटीई की ओर से छात्रावास बनाने के लिए इंजीनियरिंग संस्थानों को धनराशि उपलब्ध कराई जाती है।
प्रभारी कुलपति ने छलेसर परिसर स्थित छात्रावास की साफ-सफाई कराकर इसे शुरू कराने के लिए कहा है। फार्मेसी विभाग इसी परिसर में संचालित होने लगा है। फार्मेसी के साथ शारीरिक शिक्षा वाले छात्र-छात्राएं इसमें रह सकेंगे। दूसरे चरण में खंदारी, सिविल लाइंस व पालीवाल पार्क परिसर के छात्र-छात्राओं के दृष्टिगत जगह देखकर छात्रावास की व्यवस्था की जाएगी। - प्रो. प्रदीप श्रीधर, जनसंपर्क अधिकारी, विवि