मैनपुरी। डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि आगरा के नाम की फर्जी बीएड की डिग्री पाने के बाद बर्खास्त हुए 74 शिक्षकों की विवि ने भी सूची वेबसाइट पर जारी कर दी है। सूची जारी होने के बाद कोर्ट से स्टे लेकर आए इन शिक्षकों की दिक्कतें और बढ़ती नजर आ रही हैं।
वर्ष 2005 में डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि के नाम से फर्जी ढंग से बीएड की डिग्री प्राप्त कर प्रदेश भर में पांच हजार से अधिक लोगों ने शिक्षक के रूप में नियुक्ति पा ली। एसआईटी ने मामले की जांच की तो पता चला कि मैनपुरी में भी 81 शिक्षकों ने फर्जी और टैंपर्ड बीएड की डिग्री के सहारे नौकरी हासिल कर ली। एसआईटी की रिपोर्ट पर जिला समिति ने इस सूची में शामिल 74 शिक्षकों को 30 नवंबर को सेवा से बर्खास्त कर दिया। बर्खास्त होने के बाद इन शिक्षकों को कोर्ट से राहत मिली। कोर्ट ने इनकी बर्खास्तगी पर स्टे देते हुए ज्वाइनिंग कराए जाने के निर्देश दिए थे। अब विवि की कार्रवाई के बाद इन शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद कम ही रह गई है।
विवि ने फर्जी, टैंपर्ड शिक्षकों की सूची अपनी वेबसाइट पर अपलोड करते हुए 15 दिन में 17 बिंदुओं पर जवाब मांगा है। निर्धारित समय में उचित जवाब न मिलने पर अंकपत्र और डिग्री निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।
सोमवार को बर्खास्त शिक्षक बीएसए कार्यालय पहुंचे। यहां बीएसए पर ज्वाइनिंग के लिए दबाव बनाया, लेकिन बीएसए ने ज्वाइन कराने से मना कर दिया। इसके बाद इन बर्खास्त शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय में ज्वाइन कराने के लिए प्रत्यावेदन दिया।
फर्जी शिक्षकों को अभी ज्वाइन नहीं कराया जा रहा है। विभाग को पत्र लिखकर कोर्ट में विशेष अपील किए जाने की अनुमति मांगी गई है। विवि अपने स्तर से कार्रवाई कर रहा है। विभाग अपनी कार्रवाई के लिए भी तैयार है।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए