वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मतदान के बाद बूथ कैप्चरिंग के विरोध में बवाल के मामले में केंद्रीय विधि राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल कोर्ट में पेश हुए। इस मामले में मंत्री समेत 60 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी।
आठ साल पुराने लूट आगजनी व बवाल के मामले में केंद्रीय विधि राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल और अन्य लोग शनिवार को कोर्ट में पेश हुए। अधिवक्ताओं की बहस के बाद न्यायाधीश ने फैसले के लिए 26 अप्रैल की तारीख नियत की है।
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वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव में प्रो. एसपी सिंह भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे। उस समय प्रदेश में सपा की सरकार थी और सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो.रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव सपा की ओेर चुनाव मैदान में थे। इस दौरान मतदान में बूथ कैप्चरिंग और धांधली के आरोप लगाते हुए एसपी सिंह बघेल ने समर्थकों के साथ शहर के सुभाष तिराहे पर धरना प्रदर्शन करते हुए जाम लगाया था। बाद में आगजनी और उपद्रव हुआ।
इस मामले में उत्तर थाना पुलिस ने एक हजार से ज्यादा लोगों के खिलाफ लूट, बलवा, आगजनी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें से प्रो. एसपी सिंह बघेल और 60 अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। शनिवार दोपहर विधि राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल और अन्य आरोपित एडीजे-9 स्पेशल एमएलए एमपी कोर्ट पहुंचे। दो घंटे तक चली बहस में उनके अधिवक्ताओं ने मामला फर्जी होने की दलीलें दीं। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजेश कुमार ने बहस की।