बाह में छह वर्षीय मासूम की हत्या चाचा ने की थी। पहले मासूम का अपहरण किया। फिर सरसों के खेत में ले गया। पहले हाथों से गला दबाया फिर कपड़े से उसका गला कस दिया। वो छटपटाती रही लेकिन सांस थमने तक बेरहम ने उसे नहीं छोड़ा।
आगरा के बाह क्षेत्र के गांव फरैरा से छह साल की बालिका का अपहरण रिश्ते के चाचा अमित ने साझीदार के साथ मिलकर फिरौती की रकम से कर्ज चुकाने के लिए किया था। अपहरण के बाद बच्ची के शोर मचाने पर दोनों घबरा गए थे। सरसों के खेत में ले जाकर गला घोंट दिया था। एक बार हाथों से गला दबाया। उसके छटपटाने पर गले में कपड़े से कस दिया था, जिससे बच्ची की जान चली गई। हत्या कर आरोपी परिवार के साथ तलाशने का नाटक कर रहा था। फोन कर फिरौती की मांग करता रहा था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
विज्ञापन
फरैरा गांव निवासी हरेंद्र सिंह स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। उनकी 6 साल की बेटी पल्लवी का 18 मार्च की दोपहर 3 बजे अपहरण किया गया था। 19 मार्च को परिजन से 6 लाख रुपये फिरौती मांगी थी। पुलिस ने बुधवार रात को दो आरोपी अमित और निखिल को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर गांव से 1.5 किलोमीटर दूर सरसों के खेत से शव बरामद कर लिया था। डीसीपी अतुल शर्मा ने बताया कि आरोपी अमित और निखिल को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। विवेचना की जा रही है।
दुकान में हुआ था घाटा, दो लाख रुपये था कर्ज
एसीपी बाह गौरव सिंह के मुताबिक, आरोपी अमित बच्ची का रिश्ते का चाचा है। वह कपड़े की दुकान चलाता है। निखिल साझीदार है। दोनों 50 हजार रुपये का कर्ज लेकर भदरौली में कपड़े की दुकान खोली थी। मगर, दुकान में घाटा हो गया। खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया। इस कारण कर्ज नहीं चुका सके। उन्हें ब्याज सहित 2लाख रुपये चुकाने थे। बाद में दुकान बंद कर दी। जरार में एक और दुकान खोल ली। उधर, कर्जदार चक्कर काट रहे थे। इससे वो परेशान था। उसने हरेंद्र की बेटी के अपहरण की योजना बनाई। उसे लग रहा था कि हरेंद्र के पास पैसा है। वह बेटी के अपहरण की सुनकर रकम दे देगा। मगर, अपहरण के बाद पल्लवी ने शोर मचाना शुरू कर दिया था। वह चुप नहीं हो रही थी। वह घबरा गए थे। घबराहट में उसे सरसों के खेत में ले गए। गला दबाया। मगर, वो छटपटा रही थी। इस पर निखिल ने भी पहने हुए कपड़े उसके गले में डालकर जोर से घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। शव को छिपाने के बाद अमित हरेंद्र से मिला। वह उनके साथ तलाश का नाटक करता रहा। इस बीच दो अलग-अलग नंबर से कॉल करके फिरौती भी मांगी, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ।
पिता ने कहा था, बेटी को दिखा दो
आरोपियों ने दो बार पिता को कॉल किया था। इस पर पिता ने बेटी से बात कराने को कहा था। इस पर आरोपी ने कहा था कि वह बेहोश है। उससे बात नहीं हो सकती। बाद में वीडियो कॉल से दिखाने को कहा था। तब भी वो नहीं माने। उसका चेहरा तक नहीं दिखाया। इसके बाद फिरौती की रकम शिकोहाबाद में आकर देने की बोल रहे थे।
आरोपी के खिलाफ आक्रोश, पुलिस तैनात
बेटी की हत्या से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। माता-पिता के आंसू नहीं रुक रहे। गांव के लोगों में आरोपी को लेकर काफी गुस्सा है। लोगों ने आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की है। इस कारण पुलिस फोर्स तैनात की गई है। वहीं गांव के वीरेन्द्र सिंह, लाखन सिंह, गजेन्द्र सिंह, रविकांत, रामरतन, फरेन्द्र, रामनिवास, पंकज, मोहित, प्रमोद, अमित कुशवाह, रामजीलाल, जोगेन्द्र सिंह, डाल सिंह, चोब सिंह ने पीडि़त परिवार को सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस और 50 लाख की आर्थिक मदद दिलाने की मंाग की है।
मां बोली, बेटी के हत्यारोपियों को मिले फांसी
पल्लवी की हत्या के बाद मां आरती देवी और दादी शकुंतला देवी बेहाल हैं। वो एक ही बात कह रही हैं कि बेटी ने किसी का क्या बिगाड़ा था, जो उसकी जान ले ली। बेटी के हत्यारोपियों को फांसी की सजा मिले।