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किसान ध्यान दें: कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी पर मिट्टी की निशुल्क हो रही जांच, इतने दिन में मिल जाएगी रिपोर्ट

Fri, 01 May 2026 11:22 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में असंतुलित खाद के प्रयोग से खेतों की मिट्टी की सेहत खराब हो रही है, जिससे फसल उत्पादन पर असर पड़ रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह दी है, जिससे उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल रही है।
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मृदा परीक्षण व संतुलित उर्वरक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जनपद में खेतों में असंतुलित खाद के प्रयोग से मिट्टी की सेहत लगातार बिगड़ रही है, जिससे पोषक तत्वों की उपलब्धता घट रही है और उत्पादन प्रभावित हो रहा है। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार आगरा क्षेत्र की मृदा का पीएच सामान्यतः 7.8 से 8.5 के बीच रहता है, जिससे जिंक, लोहा और फास्फोरस जैसे आवश्यक तत्व पौधों को पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते हैं।
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कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के मृदा विशेषज्ञ डॉ. संदीप सिंह ने किसानों को मृदा परीक्षण कराने की सलाह दी है। मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करने से न केवल खेती की लागत कम होती है, बल्कि उत्पादन में भी वृद्धि होती है।
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वहीं, एत्मादपुर के गांव शेखपुरा के किसान लाखन सिंह त्यागी ने बताया कि कृषि वैज्ञानिक की सलाह पर उन्होंने दो एकड़ खेत में गेहूं की फसल के लिए मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग किया, जिससे उनकी लागत घटी और उत्पादन में 15 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। बता दें कि कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी में मिट्टी की जांच निशुल्क की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट 10 से 15 दिन में उपलब्ध हो जाती है। 
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