यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच जिले के एमबीबीएस छात्र-छात्राओं का घर पहुंचना शुरू हो गया है। शुक्रवार को जिले के दो छात्र अपने घर पहुंच गए। छात्र-छात्राओं ने भारत सरकार को यूक्रेन की सीमावर्ती देशों से बेहतर सुविधाएं देते हुए घर पहुंचाने के लिए धन्यवाद दिया है।
यूक्रेन के इवानो- फ्रंकीवक्स्क शहर की मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे शिवम यादव शुक्रवार की रात 10 दिन की यात्रा करने के बाद शहर के मोहल्ला आवास विकास स्थित अपने आवास पर पहुंचे। आवास विकास निवासी सेवानिवृत्त कैप्टन सुरेंद्र सिंह यादव के पुत्र शिवम ने बताया कि 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस ने हमला किया तो उससे पांच किमी की दूरी पर हवाई रनवे पर बम गिरे।
यूक्रेन के इवानो- फ्रंकीवक्स्क शहर से लगभग 450 भारतीय छात्र 25 फरवरी को निजी बस करके रोमानिया बॉर्डर के लिए निकले। शिवम ने बताया कि यूक्रेन में रामोनिया बॉर्डर पर उसने तीन दिन बिताए। यह तीन दिन उसे आजीवन याद रहेंगे। शिवम ने बताया कि वह 25 फरवरी को शाम सात बजे रोमानिया बॉर्डर पहुंच गया था। यहां वह तीन दिन रुका। तीनों दिन किसी दिन 12 घंटे तो किसी दिन 18 घंटे वह रोमानिया पहुंचने के लिए लाइन में लगा, जिससे पैरों में सूजन आ गई। उसने बताया कि यूक्रेनी सैनिकों ने वहां भारतीय छात्रों की पिटाई की। वे पहले अपने देश के लोगों को निकाल रहे थे।
उसने बताया कि 28 फरवरी को उसे वहां से निकलने का मौका मिला। 12 किमी पैदल चलकर वह रोमानिया पहुंचा। उसने बताया कि रोमानिया सरकार और रोमानिया में मौजूद भारतीय दूतावास ने पूरा सहयोग किया। रोमानिया बॉर्डर के वह तीन दिन किसी जंग से कम नहीं थे। तीन मार्च को उसे रोमानिया से केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और भारतीय दूतावास ने मुंबई के लिए फ्लाइट की व्यवस्था की। मुंबई से उसे उत्तर प्रदेश सरकार ने दिल्ली लाने की व्यवस्था की। दिल्ली से उत्तर प्रदेश सरकार ने उसे घर भेजा। चार मार्च की रात वह अपने घर सुरक्षित पहुंचा। शिवम के घर पहुंचने से परिवार में खुशी का माहौल है।
शिवम ने भारत सरकार और प्रदेश सरकार से अपील की है कि यूक्रेन से एमबीबीएस कर रहे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई और प्रैक्टिस बाधित हुई है। कई छात्र ऐसे हैं जो तीन-तीन या चार-चार साल का कोर्स कर चुके हैं। उनकी प्रैक्टिस जरूरी है। शिवम ने भारत सरकार और प्रदेश सरकार से अपील की कि कि छात्रों को प्रैक्टिस के लिए स्थानीय स्तर पर संचालित सरकारी अस्पतालों में जगह दी जाए। जब तक यूक्रेन में हालात शांत नहीं होते उनकी प्रैक्टिस जारी रखी जाए। उसने जिले के सीएमओ और जिलाधिकारी से भी अपील की है।
करहल अपने आवास पर पहुंचा कुशांग अपनी मां और चाची के साथ- फोटो : MAINPURI
करहल के सिरसागंज रोड निवासी रनवीर सिंह यादव का बेटा कुशांग यादव यूक्रेन से सुरक्षित पोलैंड होते हुए गुरुवार की रात अपने बहन-बहनोई के पास शिकोहाबाद पहुंच गया था। शनिवार को वह अपने बहनाई उपेंद्र यादव के साथ अपने घर पहुंचा। यहां घर पहुंचते ही उसकी मां और चाची ने उसे गले लगा लिया। कुशांग के सुरक्षित घर पहुंचने पर परिवार में खुशी का माहौल है।
थाना क्षेत्र के गांव जसवंतनगर निवासी पेशगार सिंह का पुत्र अभिषेक यूक्रेन में ही फंसा हुआ है। एमबीबीएस के छात्र अभिषेक ने शनिवार को परिजनों से हुई बात में बताया कि वह रूस के बॉर्डर की तरफ बढ़ रहा है। उम्मीद है कि रविवार को वह रूस पहुंच जाएगा। अभिषेक के यूक्रेन में फंसे होने पर परिवार के लोग चिंतित हैं।