एमबीबीएस छात्र विवेक ने बताए वहां के हालात
वायु विहार निवासी 22 वर्षीय विवेक यूक्रेन के उजहोरोद में एमबीबीएस के छात्र हैं। पिता विनोद चौधरी सेना में अधिकारी हैं। शनिवार को बेटे के घर लौटने पर मां प्रेमलता खुश नजर आईं। नाना-नानी सहित तमाम रिश्तेदारों का घर तांता लगा रहा। विवेक ने बताया कि 27 फरवरी को हमले शुरू हो गए थे। बैंकों के बाहर लंबी लाइन थी। एटीम बंद हो गए। पेट्रोल पंप पर दो किमी लंबी लाइन थी।
उन्होंने बताया कि हंगरी बॉर्डर 14 किमी दूर था। बॉर्डर पर पहुंचने के बाद 200 मीटर पार करने में 20 घंटे लग गए। वहां अन्य देशों के छात्र व यूक्रेनियन नागरिक थे। एक मार्च को हंगरी पहुंच गए। जहां तीन दिन दूतावास की तरफ से हमारे रहने की व्यवस्था की गई। शनिवार सुबह 8.30 बजे विवेक की फ्लाइट हंगरी से दिल्ली पहुंची। शाम 4.30 बजे विवेक घर पहुंचे।
'मिसाइल से हो रहा हमला, धमाकों से गूंज रहा यूक्रेन'
डेनप्रो शहर में फंसे रामपुरा निवासी 24 वर्षीय हरिओम कुशवाह भी शनिवार को गांव पहुंच गए। ग्रामीणों ने मिठाई बांटी। एमबीबीएस पांचवी वर्ष के छात्र हरिओम के पिता श्रीनिवास पेशे से किसान हैं। हरिओम ने बताया कि वह बॉर्डर पार कर रोमानिया के रास्ते भारत आए हैं। उन्होंने बताया कि यूक्रेन में कई भारतीय छात्र अत्यंत कठिनाई में हैं। मिसाइल से हमले हो रहे हैं। बम धमाके से शहर गूंज रहे। दहशत का माहौल है। बंकर में छुपकर जान बचानी पड़ रही है।ला गया है।
ओडेशा शहर में फंसे हैं दंपती
जयपुर हाउस निवासी वरुनिका धाकरे व शिवांक महाजन उडेसा शहर में फंसे हुए हैं। वहीं, सिकंदरा निवासी अंजलि पचौरी, शमसाबाद रोड निवासी भाव्या चौहान और अछनेरा निवासी जया कुमारी यूक्रेन के खारकीव शहर में फंसी हैं।
यूक्रेन से लौटे छात्र से मिले मेयर
मेडिकल की पढ़ाई करने यूक्रेन गए कमला नगर निवासी छात्र गौरव गौतम के आगरा आने पर मेयर नवीन जैन ने उनके घर जाकर मुलाकात की। मेयर ने छात्र गौरव से वतन वापसी के दौरान उनके साथ हुए घटनाक्रम को जाना। छात्र गौरव गौतम ने कहा कि उनकी बस पर भारतीय झंडा लगा हुआ था, जिस वजह से रूस और यूक्रेन की आर्मी ने कुछ नहीं कहा। अन्य देशों पाकिस्तान, अफगानिस्तान, अफ्रीका समेत कई देशों के छात्र भारत का झंडा लेकर यूक्रेन से सुरक्षित निकलने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री कर सकते हैं बच्चों से बात
यूक्रेन से लौटे ताजनगरी के बच्चों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संवाद कर सकते हैं। चुनिंदा बच्चों को लखनऊ बुलाया जाएगा। जहां अन्य जिलों से आए बच्चे भी शामिल होंगे। यूक्रेन से यूपी के 2500 से अधिक बच्चों को निका