वर्ष 2004 में एक डॉक्टर ने शिकायत दर्ज कराई कि उनका सूटकेस चोरी हो गया है। जिसमे 25 हजार रुपये व अन्य कीमती सामान थे। इस मामले में जीआरपी के सिपाही को दोषी पाया गया।
आगरा में रेलवे कोर्ट ने ट्रेन में चिकित्सक का बैग चोरी होने के मामले में जीआरपी के अवतार सिंह को दोषी पाया। रेलवे मजिस्ट्रेट नवीन कुमार ने सिपाही को दो साल कैद और 5000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
दोषी जीआरपी का है सिपाही
अभियोजन अधिकारी महेंद्र प्रताप केसरी ने बताया कि अवतार सिंह जीआरपी में सिपाही था। वह गिरोह बनाकर ट्रेनों में चोरी करता था। सिपाही होने की वजह से कोई शक नहीं करता था।
वर्ष 2004 में एक डॉक्टर ने शिकायत दर्ज कराई कि उनका सूटकेस चोरी हो गया है। जिसमे 25 हजार रुपये व अन्य कीमती सामान थे। तत्कालीन एसएचओ बीएस त्यागी ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़कर जेल भेजा था।
पेश किए गए छह गवाह
अभियोजन अधिकारी महेंद्र प्रताप केसरी की तरफ से मामले में छह गवाह पेश किए गए। रेलवे मजिस्ट्रेट नवीन कुमार ने आरोपी को दोषी पाते सजा सुनाई।