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एटाः केमिकल पीने से मासूम की मौत, परिवार में मचा कोहराम

Fri, 20 Sep 2019 12:08 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
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सांकेतिक तस्वीर
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सोरों के ग्राम लहरा में दूध सुरक्षित रखने के लिए लाए गए सोडियम हाइड्रोक्साइड केमिकल पीने से एक मासूम की मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद परिजनों में चीत्कार मच गया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना मासूम का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। 
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थाना सोरों के अंतर्गत गांव लहरा निवासी दाताराम दूध का कार्य करते हैं। उन्होंने दूध को सुरक्षित रखने के लिए अपने घर पर सोडियम हाइड्रोक्साइड केमिकल ला कर रखा था। 

गुरुवार को दो वर्षीय पुत्र अवनीश के हाथ केमिकल की बोतल लग गई और मासूम ने बोतल में रखा केमिकल पी लिया। इससे उनकी हालत बिगड़ गई। मासूम के रोने पर परिजन पहुंचे तो वहां केमिकल की खाली बोतल देखकर उनके होश फाख्ता हो गए। परिजन आनन-फानन में मासूम को सोरों स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। 
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यह है सोडियम हाइड्रोक्साइड
सोडियम हाइड्रॉक्साइड एक उच्च कोटि का क्षार है। इसे दाहक सोडा (कॉस्टिक सोडा) भी कहते हैं। यह श्वेत ठोस चूर्ण, पैलेट्स, फ़्लेक्स तथा अनेक सांद्रता वाले विलयनों के रूप में उपलब्ध होता है। जल में भार के अनुसार लगभग 50 सोडियम हाइड्राक्साइड मिलाने पर विलयन संतृप्त हो जाता है। 

दाहक सोडा, जल, एथनॉल और मिथेनॉल में विलेय है। यह एक प्रस्वेदी पदार्थ है, जो आसानी से हवा से आर्र्दता और कार्बन डाईऑक्साइड सोख लेता है। दाहक सोडे का उद्योगों में अनेक प्रकार से उपयोग किया जाता है। यह लुगदी और कागज, वस्त्र, पेय जल, साबुन और डिटर्जेंट के निर्माण और नालियों की सफाई के लिए प्रयोग में लाया जाता है।

हाइड्रेक्साइड काफी खतरनाक होता है। दूध विक्रेता इसका प्रयोग दूध को फटने से बचाने के लिए करते हैं। इसकी कुछ बूंदें डालने से दूध काफी देर तक सुरक्षित रहता है। मासूम द्वारा केमिकल का पीने से उसका लीवर, गुर्दा आदि अंग डैमेज हो गए, जो उसकी मौत का कारण बने। - धर्मेंद्र पूनिया, चिकित्सक, जिला अस्पताल 
 
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