ठा. बांकेबिहारी मंदिर में गोलक की दानराशि गिनने के दौरान मंदिर के दो कर्मचारी रुपये छिपाकर रखते हुए मंदिर प्रबंधन ने रंगे हाथ पकड़े हैं। इनके पास से 27,500 रुपये मिले हैं। मंदिर प्रबंधन ने दोनों कर्मचारियों को पुलिस को सौंप दिया है।
मंगलवार दोपहर ठा. बांकेबिहारी मंदिर के जगमोहन में दोपहर दो से सायं पांच बजे तक गोलक खोलकर मंदिर मंदिर प्रबंधन एवं गोलक कमिश्नर की देखरेख में दानराशि की छंटनी और गिनती की जा रही थी। दो दर्जन कर्मचारी और बैंक कर्मी गिनती के कार्य में लगे थे।
तभी मंदिर कर्मचारी दुसायत क्षेत्र निवासी हरिप्रसाद रावत एवं पानीघाट निवासी अमित पाराशर को मंदिर की दानराशि के पैसे छिपाते रंगे हाथ पकड़ लिया गया। मौके पर ही मंदिर प्रबंधक मुनीष कुमार ने तलाशी ली तो हरिप्रसाद रावत के पास से 10 हजार एवं अमित पाराशर से 17,500 रुपये मिले।
दानराशि चोरी करते पकड़े गए दो कर्मचारी पुलिस चौकी में
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दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। कोतवाली पुलिस दोनों से पूछताछ करने में लगी है। ठा. बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीष कुमार ने बताया कि मंदिर के दो कर्मचारी हरिप्रसाद एवं अमित पाराशर गोलक कमिश्नर राधाचरण उपाध्याय एवं जयप्रकाश शर्मा की मौजूदगी में पकड़े गए हैं।
हरिप्रसाद ने दानराशि के 10 हजार रुपये पैर में पहन रखी गर्म बैंडेज में छिपा रखे थे। जबकि अमित पाराशर ने बनियान के अंदर रुपये छिपा रखे थे। दोनों के विरुद्ध तहरीर दी जा रही है।
बांकेबिहारी पुलिस चौकी प्रभारी अनिल शर्मा ने बताया कि मंदिर के दो कर्मचारी दानराशि चोरी करते पकड़ लिए हैं। दोनों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मंदिर प्रबंधन द्वारा तहरीर लिखी जा रही है।
22 वर्ष से कार्य कर रहे थे दोनों कर्मचारी
ठा. बांकेबिहारी की दानराशि गिनने के दौरान पकड़े दोनों कर्मचारी दो दशक से अधिक समय से मंदिर में कार्यरत हैं। पकड़े कर्मचारियों ने बताया कि वह करीब 22 वर्ष से मंदिर में कर्मचारी हैं।
मंदिर में 2012 में भी हुई थी दानराशि छिपाने की घटना
ठा. बांकेबिहारी मंदिर में सन 2012 में भी मंदिर की गोलक खुलने पर दानराशि की गिनती के दौरान एक बैंक कर्मचारी को दानराशि के रुपये छिपाते पकड़ा गया था।
मदिर प्रबंधक मुनीष कुमार ने बताया कि एक स्थानीय बैंक शाखा के कर्मचारी के विरुद्ध वर्तमान में भी दानराशि के पैसे छिपाने के मामले में मुकदमा चल रहा है।