आगरा। थाना शाहगंज में पूर्व में तैनात दो दरोगा पर न्यायालय के आदेश पर शाहगंज थाने में ही प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि पूर्व में किरायेदार के मकान के ताले तोड़ मकान मालिक ने लाखों का माल चोरी कर लिया था। न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी के बाद भी विवेचकों ने मुख्य आरोपियों से सांठगांठ कर माल बरामद नहीं किया और एक टेंपो चालक को पकड़कर मामला निपटा दिया। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।
शाहगंज के सरिताधाम काॅलोनी निवासी कुशल खिरवार पेट्रोलपंप स्वामी हैं। उन्होंने बताया कि वह सरिताधाम कॉलोनी में बहादुर सिंह के मकान में किराये पर रहते थे। जुलाई 2022 में वह पास में दूसरे मकान में शिफ्ट हुए। किराये के मकान में उनकी 7.5 लाख कीमत की चार लेजर मशीन, 3.25 लाख की यूवी प्रिंटर मशीन की 150 लीटर इंक, दो वाटर कूलर, सोफा, गैस चूल्हा, कुर्सी, टेबल, स्कूटी आदि घरेलू और ऑफिस का सामान रखा था। 30 जुलाई 2022 को मकान मालिक बहादुर सिंह, बेटा कपिल, पत्नी पदमिनी, सैंया निवासी देवेंद्र और दो अन्य लोग आए। उनके पास लोडिंग टेंपों था, जिसकी नंबर प्लेट को कागज की चिट लगाकर छिपाया गया था।
आरोपियों ने मकान के ताले तोड़कर अंदर रखा सारा सामान चोरी कर लिया। पुलिस ने इस मामले में 6 मई 2023 को न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की। पीड़ित ने तत्कालीन विवेचक दरोगा शिवेंद्र सिंह को माल छिपाने की जगह बताई। चोरी की सीसीटीवी फुटेज भी दी गई पर कार्रवाई नहीं हुई।
अधिकारियों से शिकायत की गई तो दरोगा ने आरोपियों से कहकर चोरी गए सामान को दूसरी जगह छिपा दिया। उन्होंने मामले में विवेचक बदलवाए। इसके बाद दूसरे विवेचक दरोगा संदीप कुमार ने आरोपियों और लोडिंग टेंपो को पकड़ा। उन्होंने लोडिंग टेंपो को सीज कर चालक को जेल भेज दिया। मुख्य आरोपियों को सांठगांठ कर छोड़ दिया। विवेचना भी आगे नहीं बढ़ाई। ऐसे में आरोपियों को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई।
टेंपो चालक को रिमांड पर लिया और मथुरा के एक घर ले गए। सर्च वारंट नहीं होने पर लौट आए। 90 दिन बाद सर्च वारंट लिया और उसके 45 दिन बाद दोबारा उस घर पर जाकर बिना बरामदगी के लौट आए। फिर अपना स्थानांतरण करवा लिया। तीसरे विवेचक ने बहादुर सिंह के मकान से मात्र सिलाई मशीन बरामद कर चार्जशीट लगा दी।
बचाते रहे पुलिस अधिकारी
कुशल ने बताया कि उन्होंने विवेचकों पर कार्रवाई को पुलिस आयुक्त को प्रार्थनापत्र दिया पर कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद भी इंस्पेक्टर शाहगंज ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। उन्होंने दोबारा न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया। तलब करने के आदेश जारी हाेने पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्हें पुलिस से न्याय की उम्मीद अभी भी नहीं है।