नहीं दे पाएगा 10वीं के पेपर
हाथ टूटने के बाद अब छात्र परीक्षा नहीं दे पाएगा और उसका एक वर्ष खराब हो जाएगा। मामले की जानकारी के बाद डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने प्रारंभिक जांच के बाद दोनों दरोगा को निलंबित कर दिया है। मेडिकल जांच में हाथ टूटा पाए जाने पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
करन का हुआ था कार्तिक संग विवाद
मामला किरावली के मिढ़ाकुर चौकी क्षेत्र के नानपुर गांव की है। पीड़ित बबलू ने बताया कि उनके 15 वर्षीय भतीजे करन का गांव के ही नाबालिग किशोर कार्तिक से 18 फरवरी की शाम को किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। झगड़े के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस से शिकायत की थी। उस समय चौकी के दरोगा ने कॉल कर दोनों पक्षों को समझा दिया था।
बेटे को छोड़ा, भतीजे को रोक लिया
शुक्रवार को भतीजा परीक्षा देकर 12:30 बजे दोपहर घर आया। इसी दौरान चौकी से दरोगा अनुराग और इशांत घर आ धमके। भतीजे करन और उनके बेटे की शिकायत आने की बोलकर दोनों को चौकी चलने को कहने लगे। करन के पिता नरेंद्र कुमार गाड़ी चलाने के लिए गए हुए थे। करन ने उन्हें फोन किया। वह घर आए और दोनों को अपने साथ चौकी लेकर गए। वहां दूसरे पक्ष के लोगों को बुला लिया। दूसरे पक्ष ने रोहित के विवाद के समय न होने का बयान दिया। इसके बाद दोनों दरोगाओं ने रोहित को उनके सुपुर्द कर दिया और करन को पूछताछ के बाद डेढ़ घंटे में छोड़ने की बोलकर उन्हें घर भेज दिया।
10 हजार न देने पर की पिटाई, तोड़ा हाथ
बेटे को छोड़कर जब वह दोबारा चौकी पहुंचे तो उनसे भतीजे को छोड़ने के लिए 10 हजार रुपयों की मांग की गई। उन्होंने परिवार की स्थिति का हवाला देकर रुपये देने से मनाकर दिया। दरोगा इशांत ने भतीजे को शाम तक छोड़ने की बोलकर उन्हें वहां से भेज दिया। आरोप है कि इसके बाद दूसरे पक्ष के सामने ही भतीजे को बांध कर उसकी पटों और डंडों से पिटाई की। हाथ हिल जाने से भतीजे के हाथ पर तेज चोट लगी। शाम 7:30 बजे के करीब उनसे भतीजे को छोड़ दिया। रात भर भतीजा दर्द से कराहता रहा। सुबह जब डॉक्टर को दिखाया तो उसके सीधे हाथ में फ्रैक्चर निकला है।
डीसीपी कार्यालय पहुंचे पर नहीं कर पाए शिकायत
पीड़ित छात्र करन के ताऊ बबलू ने बताया कि भतीजे का हाथ टूटने से अब वह सोमवार को परीक्षा नहीं दे पाएगा। उसकी तड़प देखकर उन्होंने पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई का मन बना लिया। वह शनिवार दोपहर डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार से शिकायत करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे पर वीआईपी आगमन में ड्यूटी के कारण अधिकारी कार्यालय में नहीं मिले। इसके बाद वह गांव लौट आए। मीडिया को जानकारी होने के बाद मामला तूल पकड़ने लगा। मामले को संज्ञान में लेकर डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह को जांच के निर्देश देकर पीड़ित के पास भेजा। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद डीसीपी ने दोनों दरोगा अनुराग और इशांत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एफआईआर दर्ज होगी
मामला संज्ञान में आने पर एसीपी अछनेरा को जांच के निर्देश दिए गए थे। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर दोनों दरोगाओं को निलंबित किया गया है। रविवार को छात्र का मेडिकल कराया जाएगा। पिटाई की पुष्टि होने पर परिजन से तहरीर लेकर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। -आदित्य कुमार ,डीसीपी वेस्ट