जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती मरीज।
मैनपुरी। मौसम बदलने के साथ ही जिले में निमोनिया और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। पिछले 24 घंटे में जिला अस्पताल में भर्ती दो मरीजों ने दम तोड़ दिया। 11 मरीजों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में निमोनिया से पीड़ित बच्चों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है।
शुक्रवार को सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल की ओपीडी में 897 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। 11 मरीज गंभीर हालत में भर्ती कराए गए। सबसे अधिक मरीज सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित होने पर अस्पताल पहुंचे। भोगांव के गांव रुई सिनौरा निवासी रविंद्र सिंह (70) को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। बृहस्पतिवार को परिजन ने उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
शहर के मोहल्ला अग्रवाल निवासी निधि (8) पुत्री भूरीलाल को पिछले कुछ दिन से बुखार आ रहा था। परिजन मोहल्ले के ही एक डॉक्टर से उपचार करा रहे थे। शुक्रवार की दोपहर हालत बिगड़ने पर परिजन निधि को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां उपचार के कुछ समय में ही निधि ने दम तोड़ दिया। निधि की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
बाल मरीजों को देखने के लिए एक मात्र डॉक्टर
सर्दी का मौसम आते ही बाल मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है लेकिन महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में बाल मरीजों को देखने के लिए 24 घंटे में एक मात्र डॉक्टर ही उपलब्ध है। डॉ. डीके शाक्य को प्रतिदिन ओपीडी करनी पड़ती है उनके ऊपर ही अस्पताल में भर्ती बाल मरीजों की देखभाल भी है। एक डॉक्टर लगातार 24 घंटे कैसे मरीजों की देखभाल कर सकता है।