मैनपुरी जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप जारी है। मलेरिया से पीड़ित एक बालक ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया तो वहीं वायरल बुखार से पीड़ित एक अन्य वृद्ध की भी मौत हो गई। दो मरीजों में डेंगू के लक्षण मिलने पर भर्ती कराया गया है।
गुरुवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। मलेरिया, डेंगू, वायरल फीवर, पेटदर्द, डायरिया और सांस से पीड़ित मरीजों की हर तरफ भीड़ दिखाई दी। अस्पताल में 611 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। जबकि 61 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया।
औंछा थाना क्षेत्र के गांव नगला आंध्रा निवासी दिनेश कुमार का नौ वर्षीय पुत्र कृष्णा मलेरिया बुखार के चपेट में था। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। गुरुवार को उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि
डॉ. अनुज कुमार ने बताया कि बालक में मलेरिया जैसे लक्षण दिखे हैं। वहीं नगर के आगरा रोड निवासी 65 वर्षीय रामप्रकाश पिछले कुछ दिनों से वायरल बुखार से पीड़ित थे। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव रठेरा निवासी विनोद कुमार के 20 वर्षीय पुत्र निपेंद्र यादव में डेंगू के लक्षण मिले हैं। निपेंद्र बाहर रहकर पढ़ाई कर रहा था। गांव लौटने पर परिजनों ने उसे गंभीर हालत में नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
शहर के मोहल्ला निवासी मनोज कुमार की 30 वर्षीय पत्नी जनीता को परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां बाहर से डॉक्टरों ने जांच कराई तो उसमें डेंगू के लक्षण मिले हैं। डेंगू की पुष्टि होने पर इन्हें सैफई रेफर किया है।
मलेरिया के लक्षण
-ठंड लगने के साथ बुखार आना
-हर दो तीन दिन में बुखार आना
-तीव्र सर दर्द होना
-कमजोरी महसूस करना
-हाथ-पांव में ऐंठन होना
-उल्टी होना, जी मचलाना
मलेरिया से बचाव के उपाय
-मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें
-बुखार आने पर डॉक्टरों से जांच कराएं
-प्रशिक्षित डॉक्टर से ही उपचार लें
-फुल आस्तीन के कपड़े पहनें
-उपचार में लापरवाही न करें