उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के दूसरे कॉरिडोर का टेंडर अभी नहीं हुआ है। लेकिन, इसके लिए रूट का सर्वे कर लिया गया है। एमजी रोड और हाईवे पर फतेहाबाद मॉडल की तर्ज पर ट्रैक बनेगा। इसमें एमजी रोड पर दो और हाईवे पर तीन लेन बंद किए जाएंगे।
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनेगा। इसमें 14 स्टेशन हैं और दूरी करीब 15 किमी है। ये एमजी रोड से हाईवे होकर जाएगा। इसमें फतेहाबाद मॉडल की तर्ज पर डिवाइडर के दोनों ओर बैरिकेडिंग की जाएगी।
एमजी रोड पर दोनों ओर से 3-3 मीटर और हाईवे पर डिवाइडर से दोनों ओर 4-4 मीटर जगह पर बैरिकेडिंग करेंगे। एक लेन की लंबाई करीब 3 मीटर है। एमजी रोड पर दोनों ओर की एक-एक लेन और हाईवे पर दोनों ओर से डेढ़-डेढ़ लेन बंद होंगे। रोड से अतिक्रमण भी हटवाए जाएंगे।
हाईवे पर रेलिंग तोड़कर सर्विस रोड को शामिल किया जाएगा। जिस स्टेशन का कार्य होगा, उसके आसपास ही बैरिकेडिंग होगी। पहले कॉरिडोर के तीन एलिवेटेड स्टेशन आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा स्टेशन के लिए भी हाईवे पर यही योजना रहेगी। इस दौरान यातायात पुलिस और गार्ड भी व्यवस्थाएं संभालेंगे। यह प्रस्तावित योजना है, अंतिम सर्वे टेंडर के बाद कार्यदायी संस्था तय करेगी।
एनओसी के चलते कार्य पड़ा ठप
हाईवे पर एलिवेटेड स्टेशन का कार्य ठप पड़ा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से हाईवे पर निर्माण कार्य की अनुमति नहीं मिली है। इसके चलते पहले कॉरिडोर के तीन स्टेशनों का सिविल कार्य शुरू नहीं हो पाया है। यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक ने बताया कि ये भारत सरकार का प्रकल्प है, इसकी एनओसी के लिए एनएचएआई से आवेदन कर दिया है। जल्द एनओसी मिल जाएगी।