पहली तस्वीर में एक मां अपने बच्चे को बचाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ती नजर आई, जबकि दूसरी तस्वीर इंसानियत को शर्मसार करने वाली थी। आगरा में नाले में नवजात बच्ची का शव मिलने की घटना ने लोगों को झकझोर दिया, जहां मासूम को बेरहमी से फेंक दिया गया था।
पहली तस्वीर बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे के बाद सामने आई। जहां एक मां अपने चार साल के मासूम को बचाने के लिए सीने से लगाकर अंत तक संघर्ष करती रही। आखिरी में दोनों की जान चली गई। मां-बेटे के अटूट प्रेम की कहानी बयां करती इस तस्वीर ने पूरे देश को झकझोर दिया।वहीं दूसरी तस्वीर आगरा के फ्रीगंज के नीम दरवाजा क्षेत्र की है।
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रविवार को एक सूखे नाले में नवजात बच्ची का शव मिला। उसे डिब्बे में भरकर फेंका गया था। फेंकने पर डिब्बे का ढक्कन खुल गया और धड़ बाहर निकल आया। गर्दन डिब्बे में फंसी रह गई। कुत्ते धड़ को नोचने लगे। जिसने भी यह मंजर देखा उसकी रूह कांप गई। माैके पर माैजूद लोग उस मां को कोसते नजर आए, नवजात को जन्म देते ही फेंक दिया।
माता बनी कुमाता...इंसानियत भी शर्मसार
घटना स्थाल पर मौजूद लोग नवजात की मां के साथ उसके परिजन को भी कोस रहे थे। उनका कहना था कि क्या बेटी होने के कारण फेंक दिया गया या बिन ब्याही मां की बच्ची होने के कारण उसे त्याग दिया गया। अगर जन्म के बाद मौत हुई या मृत बच्ची जन्मी तो भी इस तरह फेंका जाना बिल्कुल गलत है। उसका विधिवत अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए था।
डिब्बे में भरकर फेंका, सूखे नाले में मिला नवजात का शव
जन्म के कुछ देर बाद ही ममता का गला घोंटकर एक मां ने नवजात को डिब्बे में भरकर नाले में फेंक दिया। कसूर इतना था कि वो बेटी थी। सूखे नाले में गिरने से प्लास्टिक के डिब्बे का ढक्कन खुल गया और धड़ बाहर आ गया। कुत्ते शव को बाहर खींचने लगे तो लोगों ने देखा। अपनों की दुत्कार पाई नवजात के शव को भी सम्मान नहीं मिला। सूचना पर पहुंची दो थानों की पुलिस ने सीमा विवाद में उलझकर इंसानियत को शर्मसार कर दिया। करीब दो घंटे तक शव नाले में ही पड़ा रहा। अंत में कोतवाली थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
फ्रीगंज के नीम दरवाजा क्षेत्र में रेलवे पुल के पास सूखे पड़े नाले में रविवार शाम चार बजे लोगों ने एक प्लास्टिक के डिब्बे से आधा बाहर निकला नवजात का शव देखा। कुत्ते शव को खींच रहे थे। मौके पर भीड़ जुट गई। कोई मृत होने के कारण तो कोई जीवित ही नवजात को फेंके जाने की बात कर रहा था। घटना से लोगों में आक्रोश फैल गया।
सूचना मिलने पर थाना छत्ता की गुदड़ी मंसूर खां और कोतवाली थाना के पॉय चौकी की पुलिस पहुंच गई। दोनों थानाें की पुलिस घटनास्थल अपने कार्यक्षेत्र में नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रही थी। करीब दो घंटे बाद जब मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
थाना प्रभारी कोतवाली भानु प्रताप ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। शव नवजात बच्ची का है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। जिस जगह शव मिला वहां से थोड़ी दूरी पर हरीपर्वत, कोतवाली और छत्ता थाने की सीमा लगती है। लोगों को भी घटनास्थल की सही जानकारी नहीं थी। इसके कारण छत्ता थाना को सूचना दे दी।
नहीं काटी गई थी नाल
नवजात के शव से नाल जुड़ी थी। उसमें अस्पताल में लगाई जाने वाली पिन भी लगी थी। पुलिस जन्म के दौरान ही मौत की आशंका जता रही है। साथ ही आसपास के अस्पतालों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।