दो दिन में ब्लैक फंगस से दो की मौत
-जिले में अब तक कुल छह मरीज मिल चुके हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। जिले में कोरोना महामारी के बीच धीरे-धीरे ब्लैक फंगस के केस बढ़ने लगे हैं। जिले में अब तक छह लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। पिछले दो दिनों में ब्लैक फंगस से दो लोगों की मौत हुई है। इनमें एक ने लखनऊ तो दूसरे ने दिल्ली में दम तोड़ा है।
जिले में ब्लैक फंगस का पहला केस घिरोर क्षेत्र के गांव लपगमा में प्रकाश में आया था। यहां रहने वाली महिला को पॉजीटिव आने के बाद ब्लैक फंगस हो गया। महिला का दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार चला जहां जान बचाने के लिए उनकी एक आंख और दांत निकालने पड़े। सर्जरी के बाद महिला घर वापस आई तो फिर से दिक्कत बढ़ गई। रविवार की सुबह दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में उनकी मौत होगी। शहर निवासी एक अन्य व्यक्ति का ब्लैक फंगस होने पर लखनऊ स्थित केजीएमयू में उपचार चल रहा था। वहां उपचार के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई।
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लक्षण दिखने पर ना करें लापरवाही
डॉ.अनिल यादव का कहना है कि कोरोना संक्रमण से जिन लोगों को राहत मिल रही है उनके पोस्ट कोविड होने की स्थिति में ब्लैक फंगस बीमारी पैदा हो रही है। इसके लक्षण दिखने पर किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए। तुरंत व्यक्ति को लखनऊ केजीएमयू में भर्ती कराया जाए। फिलहाल ब्लैक फंगस का उपचार प्रदेश के इसी अस्पताल में है।
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दो मरीजों को मिली राहत
विकास भवन में तैनात कृषि विभाग के बाबू संजीव यादव को ब्लैक फंगस होने पर नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां सर्जरी के बाद उन्हें राहत मिली है। वहीं कन्या प्राथमिक विद्यालय रठेरा की प्रधानाध्यापिका रेखा यादव को ब्लैक फंगस होने पर दिल्ली में भर्ती कराया गया था। उनकी भी सफल सर्जरी हुई है। दो अन्य मरीजों का भी लखनऊ में उपचार कराया जा रहा है।
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वर्जन
जिले में ब्लैक फंगस के अब तक छह मरीज मिले हैं। जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। चार का उपचार चल रहा है।
डॉ. राजीव राय नोडल अधिकारी कोविड-19