निमोनिया से पीड़ित दो बच्चों की मौत, चार अन्य मरीजों ने भी तोड़ा दम
- तीन को पड़ा दिल का दौरा, एक के फेफड़ों में था संक्रमण
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। जिले में सर्दी के बीच निमोनिया, हार्ट और फेंफड़ों में संक्रमण के मरीजों की दिक्कतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पिछले 24 घंटे में जिले के अलग-अलग क्षेत्र निवासी दो बच्चों ने निमोनिया से दम तोड़ दिया। वहीं तीन लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इसके साथ ही एक अन्य मरीज ने फेंफड़ों में संक्रमण के चलते दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल में 23 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया।
मंगलवार को महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ देखी गई। यहां 901 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। निमोनिया, सांस, फेंफड़ों में संक्रमण और दिल का दौरा पड़ने से पीड़ित 23 मरीज भर्ती कराए गए। थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव प्यारपुर निवासी दीपांशी (5 माह) पुत्री दीपचंद्र को पिछले कुछ दिनों से निमोनिया की दिक्कत थी। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर सोमवार की रात परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घिरोर के नगला केसरी निवासी सूर्यांश (4 माह) पुत्र कृष्णपाल को पिछले कुछ दिनों से सर्दी जुकाम के साथ निमोनिया की दिक्कत थी। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन सोमवार की रात उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शहर के मोहल्ला गोला बाजार निवासी अनवर खान (70) को सोमवार की शाम हार्ट अटैक पड़ा। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कुरावली क्षेत्र के गांव पहाड़पुर निवासी सुशीला देवी (60) पत्नी दुर्वीन सिंह को मंगलवार की सुबह हार्ट अटैक पड़ा। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बिछवां थाना क्षेत्र के नगला धुरा निवासी रमेश चंद्र (60) को भी मंगलवार की सुबह दिल का दौरा पड़ा परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शहर के मोहल्ला गोपीनाथ अड्डा निवासी सर्वेशनाथ पचौरी को पिछले कुछ दिनों से फेंफड़ों में संक्रमण की दिक्कत थी। परिजन उनका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीएमएस डॉ. मदनलाल का कहना था कि बच्चों सहित सभी छह लोगों को मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया था।