फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां-बाप की लड़ाई से परेशान दो मासूम बच्चों ने छोड़ा घर, छह माह बाद इस 'शर्त' पर वापस आए

Tue, 21 Jul 2020 12:58 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • छह महीने से शिशु गृह में रह रहे दो मासूम भाइयों को चाइल्ड लाइन ने घर पहुंचाया
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में मां-बाप के बीच रोज-रोज की लड़ाई से परेशान नौ और दस साल के दो भाइयों ने छह महीने पहले घर छोड़ दिया। घर से निकलकर फुटपाथ पर रहने लगे। खाना खाने के लिए भीख भी मांगनी पड़ी। एक यातायात एसआई ने बच्चों को देखकर शिशु गृह में भेज दिया। चाइल्ड लाइन ने दोनों को मां-बाप से मिला दिया। दोनों भाई मां-बाप के फिर झगड़ा नहीं करने की कहने पर ही घर गए। 

विज्ञापन


चाइल्ड लाइन समन्वयक ऋतु वर्मा ने बताया कि ताजगंज से दो बच्चों के लापता होने की जानकारी मिली थी। बच्चों को तलाशा गया। दोनों बच्चे शिशु गृह में रह रहे थे। पहले वो कुछ बताने के लिए तैयार नहीं थे। उनकी काउंसिलिंग की गई। इस पर बताया कि दोनों ताजगंज क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनकी मां की मौत हो गई थी। 


पिता ने कर ली दूसरी शादी

बच्चों ने बताया कि पिता ने दूसरी शादी कर ली। सौतेली मां और पिता में अक्सर झगड़ा होता था। इससे वो परेशान थे। घर से निकल गए। ईदगाह बस स्टैंड के पास रह रहे थे। तभी यातायात पुलिस के एक एसआई ने देख लिया। उन्होंने पूछा तो बता दिया। इस पर एसआई शिशु सदन में छोड़ गए। 

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

सोमवार को बाल कल्याण समिति ने बच्चों के मां-बाप को बुलाया। उन्हें समझाया कि बच्चों की अहमियत समझें। फिर कभी झगड़ा नहीं करें। मां-बाप ने भी आश्वासन दिया कि झगड़ा नहीं करेंगे। इस पर दोनों को बच्चे दे दिए गए। 

700 मामले पहुंचे

चाइल्ड लाइन समन्वयक ऋतु वर्मा ने बताया कि लॉकडाउन में सबसे ज्यादा मां-बाप के बीच झगड़े हुए। इसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ा। उनके पास 700 से अधिक शिकायत मिलीं। इनमें बच्चों के घर से भागने, शोषण और मां-बाप के झगड़े की शिकायतें थी।

यह भी पढ़ें: उस राजा की हत्या की कहानी, जिसने शाही जीप से टक्कर मार मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर तोड़ा डाला था
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें