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UP: सपा सांसद आवास पर हमले में दो केस...पुलिस नौ दिन चली अढ़ाई कोस, करणी सेना ने किया था बवाल

Fri, 04 Apr 2025 09:52 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

समाजवादी पार्टी के  राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के आवास पर क्षत्रिय करणी सेना द्वारा तोड़फोड़ की गई। इस मामले में केस तो दो दर्ज किए गए, लेकिन पुलिस नौ दिन बाद भी कार्रवाई के नाम पर शून्य पर अटकी हुई है। 
 
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Karni Sena Protest - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राणा सांगा पर दिए बयान के विरोध में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के आवास पर क्षत्रिय करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने हमला किया था। पुलिस के सामने तोड़फोड़ और बवाल किया गया। किरकिरी होने पर पुलिस ने दो केस दर्ज किए, लेकिन एक हफ्ते के बाद भी कार्रवाई के नाम पर शून्य है। ओकेंद्र राणा तो दूर एक भी कार्यकर्ता को पूछताछ के लिए भी थाने नहीं बुलाया गया है। दूसरी ओर सांसद का परिवार दहशत में है।
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सांसद रामजीलाल सुमन ने राज्यसभा में राणा सांगा पर विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद वह कई संगठनों के निशाने पर आ गए। 26 मार्च को क्षत्रिय करणी सेना के ओकेंद्र राणा ने एलान किया कि सांसद रामजीलाल सुमन के घर पर धावा बोलेंगे। इस दिन शहर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आए हुए थे। करणी सेना के कार्यकर्ता छलेसर से कई गाड़ियों और बुलडोजर लेकर रामबाग तक पहुंचे। यहां और आगे एमजी रोड पर पुलिस से झड़प के बाद भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सांसद के आवास पर पहुंच गए। पुलिस की मौजूदगी में तोड़फोड़ और पथराव किया। इस दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

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मामले में सांसद के पुत्र रणजीत सुमन ने केस दर्ज कराया था। पुलिस की ओर से दरोगा ने ओकेंद्र राणा और उसके साथियों के विरुद्ध केस थाना हरीपर्वत में दर्ज कराया था। दोनों ही केस को एक हफ्ता गुजर गया है। सांसद के परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं लेकिन अभी तक पुलिस ने आवास पर हमला करने वाले कार्यकर्ताओं से पूछताछ तक नहीं की है। ओकेंद्र राणा सोशल मीडिया पर है लेकिन कमिश्नरेट की पुलिस के रडार से बाहर है। दो केसों में एक भी गिरफ्तारी नहीं कर पाई है।

पोस्ट से चल सकता है पता- सोशल मीडिया पर सक्रिय करणी सेना के कार्यकर्ताओं की पोस्ट जहां से जेनरेट हुई है, वहां से आरोपियों की धरपकड़ साइबर सेल की मदद से की जा सकती है। - यदि सोशल मीडिया पर पोस्ट डिलीट भी कर दी है तो भी साइबर सेल की लैब की मदद से इसे रिकवर किया जा सकता है और आरोपियों का पता कर सकते हैं।
(जैसा कि बीएस त्यागी, सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक ने बताया)

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मोबाइल बंद हैं, जल्द पकड़ेंगे आरोपी
डीसीपी सिटी सोनम कुमार का कहना है कि सांसद आवास पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं। जहां तक दर्ज केसों में गिरफ्तारी की बात है तो आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए हैं। दबिश दी जा चुकी हैं। टीमें तलाश में लगी हुई हैं।

 
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रक्त स्वाभिमान रैली की तैयारियां
क्षत्रिय संगठनों ने 12 अप्रैल को एत्मादपुर के गढ़ी रामी में रक्त स्वाभिमान रैली का आयोजन करके पुलिस की चिंता में इजाफा कर दिया है। हालांकि अभी तक इसकी अनुमति पुलिस प्रशासन की ओर से नहीं मिल सकी है। क्षत्रिय संगठन अपनी तैयारी में लगे हुए हैं। किसी तरह के बवाल की आशंका ने पुलिस की परेशानी बढ़ा दी है।
 
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