मामले में सांसद के पुत्र रणजीत सुमन ने केस दर्ज कराया था। पुलिस की ओर से दरोगा ने ओकेंद्र राणा और उसके साथियों के विरुद्ध केस थाना हरीपर्वत में दर्ज कराया था। दोनों ही केस को एक हफ्ता गुजर गया है। सांसद के परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं लेकिन अभी तक पुलिस ने आवास पर हमला करने वाले कार्यकर्ताओं से पूछताछ तक नहीं की है। ओकेंद्र राणा सोशल मीडिया पर है लेकिन कमिश्नरेट की पुलिस के रडार से बाहर है। दो केसों में एक भी गिरफ्तारी नहीं कर पाई है।
पोस्ट से चल सकता है पता- सोशल मीडिया पर सक्रिय करणी सेना के कार्यकर्ताओं की पोस्ट जहां से जेनरेट हुई है, वहां से आरोपियों की धरपकड़ साइबर सेल की मदद से की जा सकती है। - यदि सोशल मीडिया पर पोस्ट डिलीट भी कर दी है तो भी साइबर सेल की लैब की मदद से इसे रिकवर किया जा सकता है और आरोपियों का पता कर सकते हैं।
(जैसा कि बीएस त्यागी, सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक ने बताया)
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