मैनपुरी जिले के भोगांव क्षेत्र के गांव अपूरपुर निवासी वृद्धा का हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उसका ही बेटा निकला। उसने अपनी भाभी और दो साथियों की मदद से वारदात की थी। हत्या के पीछे जो वजह बताई, वो चौंकाने वाली है।
शनिवार को घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अजय कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपी युवक और उसकी भाभी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने अपना जुर्म भी कबूल किया है। उसके दो साथियों की तलाश की जा रही है।
गांव अपूरपुर निवासी कनौजीलाल की 55 वर्षीय पत्नी फुलवासा नौ जनवरी को गिरवी रखे गए जेवर छुड़ाने के लिए 35 हजार रुपये लेकर घर से निकली थीं। इसके बाद वो घर नहीं लौटी थीं। काफी तलाश के बाद उनका पता नहीं लगा था।
गठरी में बंधा मिला था शव
20 जनवरी को फुलवासा का शव गांव मेरापुर छदामी के समीप नहर में मिला था। शव शॉल की गठरी में बंधा हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की बात सामने आई थी। जांच में जुटी पुलिस ने शनिवार को घटना का खुलासा कर दिया।
एसपी अजय कुमार पांडेय ने बताया कि मृतका का छोटा बेटा कृष्ण कुमार उर्फ लालू शराब पीने का आदी है। वो पहले एक बार रुपये की मांग पूरी न करने पर झोपड़ी में भी आग लगा चुका था। उसके अपनी भाभी से भी विवाहेत्तर संबंध हैं।
लालू अकसर शराब पीने के लिए मां से रुपये मांगता रहता था। नौ जनवरी को लालू ने अपने साथी हेतराम और भीमसेन के साथ घर पर जमकर शराब पी और मीट खाया। मां से लालू ने रुपये मांगे तो उन्होंने मना कर दिया था।
बाइक पर रखकर ले गए थे शव
इसी बात पर दोनों के बीच बहस होने लगी थी। उसकी भाभी इंद्रवती भी देवर का पक्ष लेकर लड़ने लगी और उसके साथ ही रहने की बात कहने लगी। इसी दौरान आरोपियों ने फुलवासा की गला दबाकर हत्या कर दी।
मां की हत्या के बाद लालू और उसके साथियों ने शॉल में शव बांधा और बाइक पर रखकर मेरापुर छदामी के समीप पहुंचे, जहां नहर में शव को फेंक दिया। इसके बाद वो पिता के साथ मां को ढूंढने का नाटक करने लगा, जिससे किसी को उस पर शक न हो।