मैनपुरी। थाना कोतवाली क्षेत्र में शहर के मोहल्ला गाड़ीवान से 15 साल पहले एक बालक का अपहरण करने के दो आरोपी अदालत से बरी किए गए हैं। अपर जिला जज चेतना चौहान के न्यायालय में हुई सुनवाई में अभियोजन पक्ष के गवाह घटना काे साबित नहीं कर पाए। शहर के मोहल्ला गाड़ीवान केे रहने वाले रमेश आढ़त का काम करते हैं। सितंबर 2010 में रमेश के 10 साल के पुत्र पप्पू का सहदेव निवासी घिरोर, करु निवासी जसराना तथा रुस्तमपुर थाना दन्नाहार निवासी एक बाल अपचारी ने अपहरण कर लिया था। तीनों बाइक से रमेश की आढ़त दिखाने के लिए पप्पू को घर से ले गए थे। घटना के आठ दिन बाद पप्पू को पुलिस ने थाना औंछा के नगला कन्हई के पास से बरामद किया था। रमेश ने तीनों के खिलाफ पप्पू का अपहरण करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने जांच करने के बाद तीनों के खिलाफ अपहरण करने का आरोप लगाकर चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज चेतना चौहान के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष के गवाह अदालत में दी गई गवाही में सहदेव और करु के खिलाफ अपहरण का आरोप साबित नहीं कर पाए। गवाही के आधार पर पप्पू के अपहरण का आरोप साबित नहीं होने पर अपर जिला जज चेतना चौहान ने दोनों को आरोप से बरी कर दिया है।