मथुरा के बरसाना के एक मंदिर परिसर में महिला के साथ हुए गैंगरेप के मामले में मंदिर के रसोइये और चौकीदार को अदालत ने 40-40 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी किया गया है जो पीड़िता को देना होगा। इस मामले में पांच महीने में यह फैसला आया है।
बरसाना समेत पूरे मथुरा को शर्मसार कर देने वाली यह घटना 11 सितंबर 2017 की है। बरसाना में एक मंदिर के आसपास ओडिशा की एक महिला रह रही थी। मंदिर पर आने वाले लोग उसे जो दान दे दिया करते थे उससे ही गुजर बसर होता था।
रात को वह मंदिर परिसर में बने हॉल में ही सो जाया करती थी। 11 सितंबर को मंदिर के रसोइये राजेंद्र उर्फ पंगा निवासी अहीर मुहल्ला और चौकीदार कन्हैया निवासी यादव मुहल्ला उसे हॉल से उठाकर ले गए और दोनों ने उसके साथ रेप किया।
घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई थी। महिला द्वारा लिखाई गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।
मामले की सुनवाई करते हुए एफटीसी प्रथम के न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने दोनों अभियुक्तों को 40-40 साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
दोनों अभियुक्त जेल में बंद हैं। एडीजीसी प्रवीन कुमार सिंह ने बताया कि केस में पीड़िता को पक्ष द्रोही घोषित कर दिया। कोर्ट ने निर्णय में मंदिर के सीसीटीवी फुटेज को भी साक्ष्य माना है।
अफसरों के हस्तक्षेप से हुई थी रिपोर्ट
गैंगरेप की शिकार महिला चूंकि ओडिशा की रहने वाली थी इसलिए उसे केवल उड़िया ही आती थी। गैंग रेप के आरोपियों ने भी इसका फायदा उठाया।
गैंपरेप के बाद पीड़िता की बात बरसाना पुलिस ने उसकी भाषा के कारण नहीं समझी और उसे थाने से भगा दिया। बाद में अफसरों के प्रयास से मामला बरसाना थाने में दर्ज हो सका। कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज को भी साक्ष्य माना।