शहर की बैंक शाखाओं में कई वारदात के बाद भी सुरक्षा में घोर लापरवाही बरती जा रही है। पीएनबी की शहजादी मंडी शाखा ए ग्रेड की है। बैंक अधिकारियों ने बताया कि यहां प्रतिदिन 50-60 लाख रुपये का लेनदेन होता है। साढ़े चार सौ से अधिक लॉकर हैं। 20 से 25 लोगों का स्टाफ है। सुरक्षा का हाल यह है कि एक सिक्योरिटी गार्ड तक की तैनाती नहीं है। सात-आठ सीसीटीवी लगे हैं, मगर शाम पांच बजे बैंक बंद करने के साथ ही बिजली भी बंद कर दी जाती है, इससे कैमरे भी रात में काम नहीं करते। सुबह दस बजे थाने से आने वाले होमगार्ड पर ही सुरक्षा का जिम्मा है। बैंक का सायरन भी काम नहीं कर रहा है। स्ट्रांग रूम का अलार्म भी बदमाशों के छेड़खानी करने पर नहीं बजा। पुलिस अधिकारी बैंक और एटीएम पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती को लेकर कई दफा बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हैं, लेकिन ज्यादातर बैंकों का ढर्रा नहीं बदला है।
रेकी के बाद बोला धावा
आगरा। बदमाशों ने वारदात से पहले बैंक में रेकी की है। एटीएम के पीछे की दीवार कटे होने की जानकारी उन्हीं लोगों को होगी, जो बैंक में आते जाते रहे होंगे। लेकिन बदमाशों ने दो पेचकस और ईंटों से जिस तरह से बैंक से कैश चोरी करने की कोशिश की, उससे प्रतीत होता है कि वह नौसिखिए थे। उन्हें एटीएम के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।
बैंक मैनेजर ने बताया कि इस एटीएम में कैश लोडिंग फ्रंट साइड (मशीन का अगला हिस्सा) से होता है, जबकि इसके चार साल पहले तक यहां पुराना एटीएम लगा था, जो दीवार में फिक्स था, इसमें कैश बैंक के अंदर से बैक साइड से अपलोड कर दिया जाता था। तभी से एटीएम केबिन के पीछे की दीवार कटी हुई थी। इससे साफ है कि बैंक में सेंध लगाने आए बदमाशों को केबिन की दीवार के कटे होने की जानकारी थी। उन्हें सीसीटीवी कैमरे भी नहीं चलने की जानकारी थी। बदमाशों ने कैमरों से छेड़खानी नहीं की है। मशीन के इनबिल्ट कैमरे को भी नहीं तोड़ा है। बैंक के सीनियर मैनेजर आरडी भट्टी ने बताया कि एटीएम मंगलवार सुबह से ही खराब पड़ा था।
चंद कदम की दूरी पर हुई थी विजया बैंक में डकैती
कैंट एरिया में जिस स्थान पर पीएनबी बैंक में बदमाशों ने सेंध लगाई, वहां से बमुश्किल सौ मीटर की दूरी पर ही विजया बैंक है। इस बैंक में मई 2014 में बदमाशों ने कर्मचारियों को बंधक बनाकर लाखों का कैश लूटने के बाद आग लगा दी थी। डाका डालने वाले बदमाश आज तक नहीं पकड़े जा सके हैं। 29 अक्टूबर 2014 को बदमाशों ने रोहता चौराहे पर ओरिएंटल बैंक का एटीएम काटकर लाखों की नगदी साफ कर दी थी।
डोमिनोज के कैमरे देंगे सुराग
पंजाब नेशनल बैंक के सामने ही डोमिनोज रेस्टोरेंट है। इसमें सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। घटना के बाद पुलिस ने रेस्टोरेंट के बाहर लगे कैमरों की रिकार्डिंग चेक करना शुरू कर दिया है। वहीं बैंक के कर्मचारियों पर भी पुलिस ने शक जताया है। उनसे पूछताछ की जा सकती है।
वारदात-दर-वारदात
पांच दिसंबर 2009 : कमला नगर में पीएनबी के एटीएम को काटकर कैश उड़ाने की कोशिश की। गैस कटर से मशीन को काटा था। आज तक पुलिस घटना का खुलासा नहीं कर सकी है।
- एत्माद्दौला क्षेत्र स्थित नुनिहाई में एसबीआई के एटीएम के डायनेमिक लॉक से छेड़खानी करके शातिरों ने साढ़े छह लाख का कैश उड़ा दिया था।
- एक जनवरी 2010 : आरबीएस के पास इंडियन ओवरसीज बैंक के एटीएम में तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने दोनों लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया था।
- दो साल पहले सूर्य नगर खंदारी में एटीएम में तोड़फोड़ करके कैश साफ किया।
- नवंबर 2014 में दयालबाग में केनरा बैंक के एटीएम को निशाना बनाने की कोशिश की गई।
- 24 मई 2011: रकाबगंज में प्रतापपुरा चौराहे के पास लगे सिंडीकेट बैंक के एटीएम से 11 लाख उड़ाए।
- 22 अप्रैल 2012: सदर के मधु नगर चौराहे पर एक्सिस बैंक के एटीएम को मेरठ के शातिरों ने उखाड़ डाला। 14.23 लाख कैश लुटने से बच गया।