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बर्खास्त शिक्षकों की दिक्कतें अभी नहीं हुई समाप्त!

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मैनपुरी। एसआईटी की ओर से घोषित फर्जी शिक्षकों को भले ही हाईकोर्ट से राहत मिल गई हो लेकिन उनकी दिक्कत अभी समाप्त नहीं हुई है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि ने भी उनके विरुद्ध कार्रवाई का निर्णय लिया है।
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जिले में 81 शिक्षकों को फर्जी घोषित किया था। जिनमें से तीन की पूर्व में ही बर्खास्तगी हो चुकी थी। शेष 78 शिक्षकों को लेकर कार्रवाई चल रही थी। जिनमें से 74 को 30 नवंबर को बर्खास्त कर दिया। बर्खास्त शिक्षक हाईकोर्ट से स्टे ले आए। लेकिन इसके बाद भी इन शिक्षकों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। बीएसए कार्यालय के सूत्रों की मानें तो पता चला है कि एसआईटी के अधिकारी कार्रवाई को लेकर सक्रिय हैं।
एसआईटी के दबाव में ही विवि ने भी इन शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्णय लिया है। छह दिसंबर को कार्य परिषद की बैठक में निर्णय लिया था। बताया जा रहा है कि इस महीने के अंत तक वर्ष 2005 बीएड की डिग्री निरस्त का पत्र बीएसए को भेजा जाएगा। जिसके बाद फिर से कार्रवाई हो सकती है।
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विभाग करेगा काउंटर फाइल
मैनपुरी। बर्खास्त शिक्षकों को कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग ने भी कोर्ट में अपना पक्ष रखने का निर्णय लिया है। बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक उन्हें निर्णय की प्रमाणित प्रति नहीं मिली है। प्रति प्राप्त होने के बाद वे भी कोर्ट में काउंटर दाखिल करेंगे। इसके बाद जो निर्णय होगा उसके अनुसार कार्य किया जाएगा। बर्खास्त शिक्षकों को अभी ज्वाइन नहीं कराया जाएगा।
बर्खास्त शिक्षकों को अभी ज्वाइन नहीं कराया जा रहा है। कोर्ट की प्रमाणित प्रति के बाद विभाग भी अपना पक्ष रखेगा। उसके बाद जो निर्णय आएगा उसके आधार पर ही कार्य किया जाएगा। फिलहाल केवल एफआईआर पर ही रोक लगाई गई है।
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विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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