फिरोजाबाद। थाना नारखी क्षेत्र में करीब 10 वर्ष पुराने मामले में एडीजे एफटीसी-2 विमल वर्मा की कोर्ट ने पांच अभियुक्तों को बलवा और मारपीट का दोषी पाया है। हालांकि, अभियुक्तों की परिस्थिति और विचारण की लंबी अवधि को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने के बजाय 6 माह की परिवीक्षा पर रिहा करने का आदेश दिया है।
घटना 30 मार्च 2016 की सुबह करीब 10 बजे की है। आलोक निवासी हबीपुर की ठार, थाना टूंडला ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि भीकनपुर स्थित उनकी जमीन पर उनके चाचा राजेश कुमार भूसा डाल रहे थे। वहां भीकनपुर, सदासुख, नारखी के सत्यपाल, अतेंद्र, पप्पू उर्फ सुभाष, हनी उर्फ हेमंत और मंजू उर्फ मंजेश और एक अन्य आरोपी सतेंद्र ने आलोक, अंशुल, सुनील, अखिलेश और राजेश पर लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। सतेंद्र की मौत हो चुकी है। हमले में सुनील और अंशुल बेहोश हो गए थे, जिन्हें गंभीर हालत में आगरा रेफर किया गया था। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर सत्यपाल, अतेंद्र, पप्पू उर्फ सुभाष, हनी उर्फ हेमंत और मंजू उर्फ मंजेश को बलवा, गाली-गलौज का आरोप पाया। फायरिंग के आरोप साबित नहीं हुए। कोर्ट ने अभियुक्तों के गरीब होने और 10 साल से चल रहे प्राथमिकी दर्ज को देखते हुए उनकी 6 माह की परिवीक्षा अवधि का आदेश दिया है।