प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुकाबले अमेरिका के राष्ट्रपति की सुरक्षा तीन गुना रखी गई है। पीएम पिछले साल नौ जनवरी को ताजनगरी आए थे तब सुरक्षा में 3300 पुलिसकर्मी लगाए गए थे। ट्रंप की सुरक्षा में दस हजार लगाए गए हैं। प्रदेश के सभी आठ जोन से फोर्स आई है। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी), एंटी टेरेरिस्ट स्क्वैड (एटीएस), सेंट्रल पैरा मिल्ट्री फोर्स (सीपीएमएफ) भी पीएम के मुकाबले ज्यादा तैनात की गई है।
अमेरिका के अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस कैट कमांडो और अन्य अधिकारी अलग से हैं। पीएम के लिए न तो नाइट विजन कैमरे लगे थे न स्नाइपर तैनात किए गए थे। एंटी क्राफ्ट गन और एंटी यूएवी (अनमेंड एयर व्हीकल) डिफेंस सिस्टम भी नहीं लगाए गए थे। पीएम मोदी आगरा में कोठी मीना बाजार में रैली करने के लिए आए थे। वह भी खेरिया एयरपोर्ट पर उतरे थे। वहां से कार से मैदान तक पहुंचे थे।
क्लिंटन के मुकाबले ढाई गुना फोर्स
यह पहला मौका है जब आगरा में इतनी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। ट्रंप से 20 साल पहले बिल क्लिंटन आए थे। तब लगभग चार हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
9/11 के बाद बढ़ी सुरक्षा
सुरक्षा के जानकारों ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा 9/11 की घटना के बाद बढ़ा दी गई। इससे पहले भी सुरक्षा घेरा व्यापक था, लेकिन इतनी फोर्स नहीं लगती थी। उस घटना के बाद अमेरिका हो या बाहर, राष्ट्रपति की सुरक्षा बढ़ाई गई। पूरे कार्यक्रम पर पेंटागन की नजर है। अमेरिकी सेटेलाइट से इमेज लेकर सुरक्षा एजेंसियों को भेजे जा रहे हैं।
दस ड्रोन, 100 दूरबीन से रहेगी नजर
रूट पर नजर रखने के लिए दस ड्रोन कैमरे, 100 दूरबीन लगाई गई हैं। 100 हैंड हेल्ड मशीन, आठ बम डिस्पोजल स्क्वैड, आठ डॉग स्क्वैड, चार एंटी माइंस, सात बज्र वाहन, 12 क्विक रिस्पांस टीम, 550 बैरियर लगाए गए हैं।