उत्तर प्रदेश के एटा में थाना नयागांव के सिकंदरपुर फेरू गांव में एक किसान ने मंगलवार को तमंचा से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। परिजन ने बताया कि केसीसी का कर्ज न चुका पाने के चलते और बैंक कर्मियों के साथ ही अमीन आए दिन परेशान करता था। जिसके कारण पिछले काफी समय से किसान मानसिक रूप से भी परेशान चल रहा था।
गांव सिकंदरपुर फेरू निवासी पुष्पेंद्र ने बताया कि पिता रामनिवास (55) पिछले काफी समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। बाबा मंगूलाल ने लगभग 9 वर्ष पूर्व नदराला में स्थित आर्यावर्त बैंक से 5 लाख रुपये की केसीसी बनवाई थी। कुछ समय बाद जब बाबा की मौत हो गई, तो तत्कालीन बैंक मैनेजर ने उस लोन को पिता के नाम कर दिया था।
वर्ष 2021 में पिता रामनिवास ने लगभग 1.5 लाख रुपये जमा भी कर दिए। कुछ समय बाद ही बैंक से रिकवरी के लिए टीम और राजस्व विभाग की ओर से अमीन वसूली के लिए घर पर आने लगे। इतना ही नहीं लोन की राशि ब्याज आदि लगाकर लगभग 10 लाख रुपये कर दी गई। पिता ने पूछा तो बैंक से बताया गया कि जितनी जल्दी जमा कर दोगे उतने ही कम रुपये जमा करने पडेंगे। रामनिवास तभी से परेशान रहने लगे।
पुष्पेंद्र ने बताया कि एक माह पूर्व भी बैंक कर्मचारी रिकवरी करने के लिए पहुंचे। रामनिवास ने जब कहा अभी व्यवस्था नहीं है तो आरसी काट दी और अमीन को भेजा। अमीन ने कई बार आकर पिता को धमकाया। इससे वह मानसिक रूप से बीमार हो गए और मंगलवार को तमंचा से गोली मार ली। जब तक परिजन उनको लेकर अलीगंज स्वास्थ्य केंद्र पर आए, उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
परिजन की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बारे में जानकारी नहीं है। विभिन्न आर्थिक आर्थिक कारणों के चलते किसान ने आत्महत्या की है। मामले की जांच की जा रही है, जो भी तथ्य निकलकर सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-राजकुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक