आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन पर लाइसेंस धारक ट्राली वेंडरों के पेठा बेचने पर रोक लगाने के विरोध में सोमवार को भाजपा विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय पर धरना दिया। मामला बढ़ता देख तकरीबन डेढ़ घंटे बाद ही रेल प्रशासन ने इस रोक को हटा दिया। मौके पर आए सीनियर डीसीएम शशिभूषण ने विधायक को आदेश की कापी सौंपी। इसके बाद ही धरना समाप्त हुआ।
आगरा फोर्ट स्टेशन पर पेठा बिक्री पर अगस्त 2015 से रेल प्रशासन ने रोक लगा रखी थी। इसके विरोध में सुबह 11 बजे विधायक, भाजपा कार्यकर्ता और वेंडर डीआरएम दफ्तर पर धरने पर बैठ गए। विधायक ने अफसरों पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का आरोप लगाया। कहा कि पांच माह से लाइसेंस फीस वसूलने के बाद भी स्टेशन पर पेठा नहीं बेचने दिया जा रहा है। भाजपा नेता विजय शिवहरे, डा. जीएस धर्मेश, डा. रामबाबू हरित ने कहा कि स्टेशनों पर वाहन स्टैंडों पर भी रेट लिस्ट नहीं लगाई गई है। इस मौके पर केके भारद्वाज, अनुराग चतुर्वेदी, दीपक खरे, राजीव तिवारी, पुष्पेंद्र त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।
एडीआरएम शीलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पेठा विक्रय के लिए शार्ट लिस्टिंग की प्रक्रिया चल रही थी। तीन माह के भीतर प्रक्रिया पूरी होती है। अब फोर्ट स्टेशन पर भीमसेन व निखिल लोटस ब्रांड के पेठे को वेंडर बेच सकेंगे।
एक रेल अफसर करते हैं मोदी के खिलाफ कमेंट
विधायक ने आगरा रेल मंडल के एक अधिकारी को कांग्रेसी मानसिकता का बताया। कहा कि वह अपने फेसबुक पेज पर पीएम मोदी के खिलाफ कमेंट पोस्ट करते हैं। उन्होंने कहा कि नौकरी और राजनीति दोनों एक साथ नहीं चलेंगी। हम मोदी की आलोचना बर्दाश्त नहीं करेंगे।