घटनास्थल पर छानबीन करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के मलपुरा क्षेत्र में मंगलवार दोपहर को दसवीं की छात्रा को जिंदा जलाने की कोशिश की गई। वो स्कूल से घर लौट रही थी। हेलमेट लगाए बाइक सवार दो युवकों ने उसके घर के पास उस पर पेट्रोल डालकर लाइटर से आग लगा दी। घटना उस वक्त हुई जब 15 किमी दूर डीजीपी ओपी सिंह जिला मुख्यालय में कानून व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।
छात्रा को 75 फीसदी झुलसी हालत में एसएन मेडिकल कॉलेज में आईसीयू में भर्ती कराया गया है। घटना के कारण का पता नहीं चल पाया। वहीं वारदात को अंजाम देकर बाइक सवार फरार हो गए। हमलावरों का भी कोई सुराग नहीं लगा है।
जिंदगी और मौत के बीच झूल रही छात्रा संजलि (15) पुत्री हरेंद्र सिंह जाटव निवासी गांव लालऊ से डेढ़ किमी दूर नौमील गांव में स्थित अशरफी देवी छिद्दा सिंह इंटर कॉलेज में पढ़ती है। छुट्टी के बाद साइकिल से घर लौट रही थी।
जमीन पर लेटकर आग बुझाने की कोशिश
घटनास्थल पर उड़ता धुआं
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घर से 500 मीटर पहले हमलावरों ने उसे रोका और उसके सिर पर पेट्रोल से भरी पूरी बोतल खाली कर दी। वह कुछ समझ पाती, इससे पहले ही लाइटर से आग लगा दी और भाग निकले। संजलि जोर से चिल्लाई, जमीन पर लेटकर आग बुझाने की कोशिश की।
कुछ समय बाद वहां से गुजर रहे युवक अजय ने उसे देखकर उसके घर पहुंच सूचना दी। यूपी- 100 की गाड़ी से संजलि को एसएन मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत है। आग से छात्रा का बैग जलकर राख हो गया।
झुलसी अवस्था में छात्रा इशारों से बात कर पा रही है। उसने बताया है कि 15 दिन पहले दो युवकों ने पीछा किया था। उसकी साइकिल को धक्का दिया था। वह उन्हें नहीं जानती है। पिता ने कहा कि उनकी किसी से रंजिश नहीं। न ही किसी पर शक है।
डीजीपी कर रहे थे मीटिंग
मलपुरा में हुई वारदात के समय डीजीपी ओपी सिंह ताजमहल के पास फाइव स्टार होटल में आगरा रेंड के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे थे। घटना का पता चलने पर अधिकारी मौके की ओर दौड़े।
एसएसपी अमित पाठक ने कहा कि बाइक सवार दो युवकों ने यह वारदात की है। उनका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए कई टीमें गठित की गई है।