साहित्यकार और केएमआई के पूर्व निदेशक जगत प्रकाश चतुर्वेदी को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए शनिवार को संस्मरणात्मक संगोष्ठी ‘स्मरण’ का आयोजन किया गया। आगरा कॉलेज के गंगाधर शास्त्री भवन में आयोजित गोष्ठी में शहर की साहित्यिक, सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षिक, वाणिज्यिक संस्थाओं से जुड़े लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।
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किसी ने जगत प्रकाश चतुर्वेदी के साथ बिताए पलों को याद किया तो किसी ने सजल नेत्रों से भावांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि जगत प्रकाश चतुर्वेदी सच्चाई के पक्षधर रहे। सादगी, सरलता, सच्चाई और संतोष उनके जीवन की निधि थी।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कैप्टन व्यास चतुर्वेदी ने कहा कि सन् 1954 से वे जगत प्रकाश चतुर्वेदी के संपर्क में आए। वहां से एक अटूट रिश्ता बना जो अब यादगार हो गया है। वे बेहद सरल और सादगी पसंद व्यक्ति थे। उनका व्यवहार ही उन्हें अलग बनाता था।
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कार्यक्रम में बोलते साहित्यकार जगत प्रकाश चतुर्वेदी के पुत्र शशि शेखर
- फोटो : अमर उजाला
जगत प्रकाश चतुर्वेदी के पुत्र हिंदुस्तान समाचार पत्र के प्रधान संपादक शशि शेखर ने एक संक्षिप्त कहानी के माध्यम से पिता और पुत्र के रिश्ते के अहसास को रेखांकित किया। रेखा पतसारिया ने शशि शेखर द्वारा डेढ़ दशक पूर्व लिखा गया आलेख पढ़ा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सरोज रानी गौरिहार भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि जगत प्रकाश चतुर्वेदी का आगरा से बहुत लगाव था। वे अक्सर कहते थे कि आगरा में मेरा एक घरौंदा हो तो मैं यहीं बस जाऊं।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे रंगकर्मी और अधिवक्ता विनय पतसारिया ने उनके व्यक्तित्व को इन पंक्तियों से चित्रित किया। ‘ये सच तो टूट कर बिखर गया होता, अगर मैं झूठ की ताकत से डर गया होता...’।
कार्यक्रम में संबोधित करते सांसद रामशंकर कठेरिया
- फोटो : अमर उजाला
कवि डॉ रामेंद्र मोहन त्रिपाठी ने कहा कि जगत जी प्रेम के कवि थे। जब-जब ताज देखा... कविता से उन्हें प्रसिद्धि मिली। उन्होंने मेरे जैसे अपने अनुजों पर खूब प्यार लुटाया। वक्त के साथ कविता में आने लगी गिरावट से खिन्न रहते थे।
वरिष्ठ कवि सोम ठाकुर ने कहा कि मैं तो साइंस का छात्र था। आज साहित्य सेवा कर रहा हूं तो यह जगत प्रकाश चतुर्वेदी की देन है। उन्हीं के प्रोत्साहन और प्रेरणा से यह मुकाम हासिल हुआ है। कभी-कभी तो वे कवि सम्मेलनों में अपने स्थान पर मुझे भेज दिया करते थे।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में रामशंकर कठेरिया (अध्यक्ष एससी आयोग), मेयर नवीन जैन, सेवानिवृत्त आईएएस शशिकांत शर्मा, विधायक उदयभान सिंह, पूर्व विधायक धर्मपाल सिंह, जेएस फौजदार, दुष्यंत शर्मा, विजय शिवहरे, एसएन मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. जीके अनेजा, डा. एके गुप्ता, बसंत गुप्ता, राजकुमार पथिक, वाजिद निसार, डॉ. अनुराग शुक्ला, शब्बीर अब्बास आदि ने शोक संदेश पढ़ा।