हरियाली पर सरकारी विभाग चला रहे आरी
हरियाली पर आरी चलाने का काम सबसे ज्यादा सरकारी विभाग ही कर रहे हैं। आगरा स्मार्ट सिटी ने ताज और किले के बीच लगे 215 पेड़ अनुमति के बिना उखाड़ दिए तो मेट्रो ने भी महज सात माह पहले सर्किट हाउस रोड पर किया गया सौंदर्यीकरण और हरियाली का उजाड़ दिया।
पीएसी मैदान की चहारदीवारी के काम के लिए मेट्रो ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत बनाई गई यूटिलिटी डक्ट और ड्रेनेज सिस्टम भी तोड़ दिया। मुगलिया शहर की पहचान के तौर पर लाल बलुई पत्थर से बेस और प्लेटफार्म बनाकर उस पर लैंडस्केपिंग और हरियाली की गई थी।
कमिश्नरी की दीवार से सटी पेंटिंग, पौधे और सौंदर्यीकरण का काम ध्वस्त कर दिया। मंगलवार सुबह लोग यहां से निकले तो तोड़फोड़ देखकर हैरत में पड़ गए। सर्किट हाउस समेत 12 सड़कों के सौंदर्यीकरण पर स्मार्ट सिटी ने 98 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
'मेट्रो पहले जैसा करके देगी इस पूरे क्षेत्र को'
स्मार्ट सिटी के सीईओ निखिल टी फुंडे ने कहा कि फूल सैयद चौराहे से सर्किट हाउस रोड पर मेट्रो ने अपनी दीवार के निर्माण के लिए हमारी डक्ट और ड्रेनेज के साथ हाल में कराया गया सौंदर्यीकरण को नुकसान पहुंचाया है। मैने मेट्रो के अधिकारियों से बात की है। वह दीवार निर्माण के बाद जो नुकसान हुआ है, उसे पहले की तरह बनाने को तैयार हैं। वह इस क्षेत्र को पहले जैसा करके देंगे।
वन विभाग ने स्मार्ट सिटी की जेसीबी सीज की
जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से ताजगंज तक 24×7 जलापूर्ति के लिए स्मार्ट सिटी योजना के तहत बिछाई जा रही 1200 मिमी व्यास की पाइपलाइन के लिए आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी ने 215 पेड़ काट दिए थे। ताजमहल और आगरा किला के बीच हेरिटेज कॉरिडोर के क्षेत्र में जेसीबी से 215 पेड़ काटने के कारण वन विभाग ने स्मार्ट सिटी कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
इस मामले में वन विभाग ने अब कार्रवाई करते हुए स्मार्ट सिटी कंपनी के उपकरणों समेत जेसीबी भी सीज कर दी। वन विभाग के डीएफओ अखिलेश पांडेय ने बताया कि स्मार्ट सिटी कंपनी को वन विभाग ने जिन शर्तों के तहत अनुमति दी थी, उसका उल्लंघन किया गया है। इसलिए एफआईआर भी कराई गई है। पेड़ काटने की अनुमति सुप्रीम कोर्ट से लेनी चाहिए थी। हमने जेसीबी को सीज कर दिया है।