मंगलवार को बस स्टैंड पर खड़ा पुराना पीपल का पेड़ गिर गया। इसके नीचे दबकर किशोरी की मौत हो गई। वहां खड़े यात्री जान बचाने को दौड़ पड़े। आक्रोशित लोगों ने शव रखकर मुआवजा की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। सूचना पर पुलिस और आला अधिकारियों ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया तब जाकर शव को उठाया।
पीपल का पेड़ जिसके टूटने के बाद किशोरी की दबकर मौत हुई
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हादसे का शिकार शिवानी (17) पुत्री विनोद निवासी गंगेश्वर कालोनी हुई। वह अपनी मां संतोषी के साथ एमजी इंटर कॉलेज में कक्षा में 11 प्रवेश के लिए आवेदन पत्र लेने कॉलेज जा रही थी। बस स्टैंड की दीवार टूटी होने के कारण वह बस स्टैंड से होकर गुजर रहीं थी। मां तो पहले निकल गई, लेकिन पीछे से शिवानी निकल रही थी तभी सूखा पीपल का पेड़ गिर गया और वह उसके नीचे दब गई। लोगों ने पेड़ को हटाकर उसके शव को बाहर निकाला। एआरएम राजेश सिंह एवं डिपो इंचार्ज वृजेश भी पहुंच गए। पुलिस ने पहुंचने पर जब शव का पंचनामा भरना चाहा तो परिजन व अन्य लोगों ने शव का पंचनामा नहीं होने दिया। आक्रोशितों ने प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों को बुलाने की मांग की और मुआवजा की मांग की।
बेटी की मौत के बाद विलाप करते परिजन
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जानकारी होने पर कोतवाली प्रभारी दिनेश दुबे पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाया, लेकिन वह नहीं माने। सूचना पर उपजिलाधिकारी ललित कुमार एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी आईपी सिंह मौके पर पहुंच गए। परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन मान गए।
शिवानी की मौत के बाद शोकाकुल परिजन व रिश्तेदार
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पेड़ से दबकर शिवानी पुत्री विनोद गंगेश्वर कालोनी की मौत की खबर पर मुख्यमंत्री ने घटना के संबंध में जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह को निर्देशित किया। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी योगेंद्र कुमार पोस्टमार्टम गृह पर पहुंचे और परिजनों से मिलकर घटना की जानकारी की। दैवीय आपदा से मुआवजा, व दिव्यांग पिता को पेंशन दिलाई जाएगी।
कासगंज का बस स्टैंड
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पेड़ से दबकर मौत का शिकार हुई शिवानी अपने माता पिता की इकलौती बेटी थी। पिता विनोद दिव्यांग हैं, जबकि मां मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाती है। वह भी मां का हाथ बटाती थी। दिव्यांग पिता की वह सहारा था। उसकी मौत से मां और पिता का रो रो कर बुरा हाल था।