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UP: साइबर ठगी का शिकार होने के तुरंत बाद करें ये काम, खाते में वापस आ जाएगी रकम...बचने का ये है अचूक हथियार

Fri, 06 Jun 2025 09:57 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

मुनाफे की लालच में जिन लोगों ने लाखों की रकम गवां दी, अब उन्हें वापसी का इंतजार है। शिकायत के बाद भी उन्हें रकम वापसी के लिए भटकना पड़ रहा है। 
 
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साइबर क्राइम रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 साइबर अपराधियों ने निवेश के नाम पर मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी कर ली। पीड़ितों को रकम वापसी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। आरोप है कि पुलिस ने देरी से केस तो दर्ज किए लेकिन आरोपियों को नहीं पकड़ सकी। अधिकारियों से शिकायत पर भी समाधान नहीं हो पा रहा है।
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नाला पीपल मंडी, छत्ता निवासी अनुज ने बताया कि 9 नवंबर 2023 को व्हाट्सएप पर पार्ट टाइम जाॅब का एक मैसेज आया। काॅल करने पर रुपये निवेश करने और उससे कई गुना फायदा बताया गया। 17 नवंबर को 10 हजार रुपये जमा करने पर उसी दिन 18,051 रुपये खाते में भेज दिए गए। अगले दिन 2 खातों में 23 हजार रुपये जमा कराए गए।

इसके बदले में 33 हजार रुपये दिए गए। अच्छा मुनाफा देख वह बातों में आ गए और 14 लाख रुपये जमा कर दिए। रकम वापस मांगने पर 10 लाख रुपये और जमा करने के लिए कहा गया। बाद में एक परिचित ने साइबर ठगी का मामला बताया। पुलिस से शिकायत की। 24 मई 2024 को केस दर्ज हो गया। मगर, रकम वापस नहीं हो सकी। वह थाने के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं।

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डिप्टी सीएम से शिकायत पर दर्ज हुआ केस
भगवान काॅलोनी, शाहगंज निवासी अनिल तिवारी ने बताया कि 18 मई 2024 को पुत्रवधू राशि तिवारी के व्हाट्सएप पर मैसेज आया था। निवेश के नाम पर मुनाफा बताया गया। काॅल करके भी जानकारी दी गई। इसके बाद 6.50 लाख रुपये जमा करा लिए गए। बाद में साइबर ठगी का पता चला। पुलिस से शिकायत की। मगर, सुनवाई नहीं हुई। इस पर साढ़े तीन महीने बाद डिप्टी सीएम से मिलने पर थाना साइबर क्राइम में केस दर्ज किया गया। आरोपियों को नहीं पकड़ा जा सका। पुलिस को समय पर सूचना देने की वजह से 69 हजार रुपये बैंक की मदद से वापस हो गए थे। बाकी रकम आज तक नहीं मिली है।

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तुरंत सूचना देने पर वापसी की उम्मीद
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी अलग अलग खातों में रकम जमा कराते हैं। इसके साथ ही काॅल भी व्हाट्सएप से करते हैं। जो सिम लिए जाते हैं, उनमें फर्जी आईडी का प्रयोग किया जाता है। खातों में रकम भी किराये पर लेते हैं। रकम जमा कराने के कुछ देर बाद ही विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर लेते हैं। ऐसे में लोग जितनी जल्दी सूचना देते हैं, उतनी जल्दी रकम वापस होने की उम्मीद रहती है। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
 
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