डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण बढ़ते खर्च को कम करने के लिए ट्रांसपोर्टर्स ने एक अगस्त से माल पर लगने वाले लोडिंग, अनलोडिंग, डाला, कांटा, डिस्काउंट जैसे खर्च खुद नहीं देकर व्यापारियों से देने को कहा है। आगरा के व्यापारियों का कहना है कि इन खर्चों से माल की कीमत में इजाफा होगा और महंगाई बढ़ेगी।
ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की बैठक में तय किया गया है कि पेट्रोल, डीजल की बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए ट्रांसपोर्टर्स वाहनों पर लोडिंग, अनलोडिंग, कांटा, डाला, मुंशियाना जैसे खर्च बंद करें। कर्मचारियों को दिए जाने वाले इन खर्चों को माल मंगाने वाले व्यापारी से लिया जाए। साथ ही प्रति टन और किलोमीटर का न्यूनतम भाड़ा भी तय किया जाए। इसे लेकर ट्रांसपोर्टर्स अपने कारोबारियों से संपर्क कर रहे हैं।
चार से पांच हजार रुपये का अंतर आएगा
एआईएमटीसी के सह प्रवक्ता वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि जिसका माल, उसका माल नीति लागू की गई है, यह बड़े ट्रांसपोर्टर्स के लिए ज्यादा जरूरी है, क्योंकि उन्हें मंडियों पर प्रति ट्रक चार से पांच हजार रुपये तक अतिरिक्त खर्च करने होते हैं।