मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत नौ ग्रामीण मार्गों का चयन कर लिया गया है। यह बात अलग है कि इन मार्गों के लिए बसें उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मई के पहले सप्ताह से संचालन शुरू करने का दावा फेल होता नजर आ रहा है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में बस सेवा शुरू करने की तैयारी की गई है। योजना के अंतर्गत 15 से 28 सीट वाली निजी बसों का संचालन किया जाएगा, जिन्हें बिना परमिट चलाने की अनुमति होगी। ये बसें अन्य जिलों में नहीं जा सकेंगी। परिवहन विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि चालक और परिचालक की नियुक्ति, यात्रा टिकट की व्यवस्था और किराया तय करने का अधिकार बस स्वामी को ही दिया गया है।
प्रत्येक बस स्वामी को प्रतिमाह 1500 रुपये शुल्क जमा करना होगा और हर बस को प्रतिदिन कम से कम दो फेरे लगाने अनिवार्य होंगे। योजना के तहत नौ लोगों ने आवेदन किया है। इन लोगों को जल्द बस खरीदने को कहा गया है।
ये मार्ग किए गए चयनित
रजौरा-शिवलालगुर्जा-छूट-राटौली-स्याहीपुरा-फतेहाबाद-आगरा, गोहरा-खेराराठौर-अभयपुरा-पिनाहट-आगरा, सियाइच-बलीजर-बटेश्वर-बिजकौली-फरैरा-भदरौली-फतेहाबाद-आगरा, मलियाखेड़ा-खिलावली-चित्राहाट-बाह-आगरा, फतेहपुर सीकरी-उन्देरा-बादनपुर-पूरा-बानपुर-कागारौल-अकोला-आगरा, मेवली-सरेंधी-नगला दूल्हेखान-रसूलपुर-खेरागढ़-सैंया-आगरा, खेरिया-बृथला-लादूखेड़ा-सैंया-तेहरा-सिकंदरपुर-ककुआ-आगरा, गढ़ी दर्याव-धिमश्री-शमशाबाद-बड़ा गांव-बाकलपुर-हिरनेर-दिगनेर-श्यामों-बरौली अहीर-आगरा तथा लडुआपुरा-अरनौटा-खण्डेर-फतेहाबाद-पीपलचौकी-डौकी-आगरा को बस संचालन के लिए चिह्नित किया गया है।