उत्तर प्रदेश के आगरा में शोरूम से कार तो खरीद ली लेकिन संभागीय परिवहन विभाग को बताया ही नहीं कि कार खड़ी कहां करेंगे। जी हां हम बात कर रहे हैं टीटीजेड (ताज ट्रेपेजियम जोन) में लागू उस नियम की जिसके बारे में बहुत से लोगों को पता ही नहीं है। टीटीजेड में नया वाहन खरीदने के समय एक शपथपत्र संभागीय परिवहन विभाग में जमा करना होता है। शपथपत्र में वाहन स्वामी को वाहन खड़ा करने का स्थल बताना होता है।
सात सालों में (एक जनवरी 2016 से 31 मई 2023 तक) 89.591 चारपहिया वाहनों की बिक्री हुई है। महज 10 फीसदी वाहन स्वामियों ने ही शपथपत्र जमा कराए हैं। आरटीओ की तरफ से शपथपत्र का सत्यापन भी नहीं कराया गया है, इस वजह से शपथपत्र लगाने का नियम पूरी तरह लागू नहीं हो पा रहा है।
कई कॉलोनियों में चार पहिया वाहन खड़े करने की समस्या बनी हुई है। घरों के अंदर खड़े करने के स्थान पर बाहर सड़क किनारे खड़े किए जाते हैं। यह समस्या गेट बंद कॉलोनियों में अधिक है। वहां वाहन खड़ा करने के लिए अलग से पार्किंग स्थल नहीं होता है।
एक छोटी कार की लंबाई करीब 3445 एमएम और चौड़ाई 1515 एमएम होती है। इस हिसाब से पार्किंग के लिए करीब 96 वर्ग फुट स्थान चाहिए। जबकि बड़े वाहनों के लिए 110 वर्ग फुट का स्थान पार्किंग के लिए चाहिए होती है। अब करीब 89,591 चार पहिया और 5 लाख से अधिक दो पहिया वाहन पिछले साल में बिके है।
इस हिसाब से हर वाहन के लिए 110 वर्ग फुट स्थान माना जाए, तो इन वाहनों के लिए 99 लाख वर्ग फुट स्थान पार्किंग का होना चाहिए। आरआई देवदत्त शर्मा बताते है कि एक मानक पार्किंग 110 वर्ग फुट की मानी गई है। इस हिसाब से इतने वाहनों के लिए 99 लाख वर्ग फुट स्थान खड़ा करने के लिए चाहिए।
एआरटीओ (प्रशासन) एके सिंह ने बताया कि नया वाहन खरीदने पर शपथ पत्र जमा कराने का नियम है। अब वाहन डीलर से पंजीकरण होता है, यह जिम्मेदारी उनके पास है। शपथपत्र जमा कराने का निर्देश दिया जाएगा। पार्किंग स्थल की जांच प्रवर्तन दल करता है।