अंग्रेजी शासनकाल में पश्चिमी भारत तक माल की ढुलाई और रेल संपर्क का प्रमुख केंद्र रहा अछनेरा जंक्शन अब आधुनिक सुविधाओं से नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। करीब 150 साल पुराने इस ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 22.50 करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया जा रहा है। खास बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्र के इस स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट युक्त फुट ओवरब्रिज तैयार किया गया है। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और भारी सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। ग्रामीणों ने बताया अछनेरा जंक्शन का इतिहास करीब 150 वर्ष पुराना है। देश के पूर्वोत्तर भाग को पश्चिमी भारत से जोड़ने के उद्देश्य से तत्कालीन अंग्रेजी शासन के दौर में आगरा से अहमदाबाद और सिलीगुड़ी से कानपुर तक रेल संपर्क विकसित करने की योजनाओं पर काम हुआ। इसी रेल नेटवर्क के विकास क्रम में अछनेरा स्टेशन की नींव पड़ी। अक्तूबर 1874 में आगरा से पहली रेल सेवा अछनेरा स्टेशन से गुजरते हुए बांदीकुई की ओर रवाना हुई थी।
3700 वर्ग मीटर में विकसित हो रहा सर्कुलेटिंग एरिया
स्टेशन के बाहर यात्रियों और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए करीब 3700 वर्ग मीटर क्षेत्र में सर्कुलेटिंग एरिया विकसित किया गया है। करीब 3040 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में स्टेशन भवन को नया स्वरूप दिया गया है। आधुनिक एग्जीक्यूटिव लाउंज, प्रतीक्षालय, नए टिकट काउंटर और आधुनिक शौचालय ब्लॉक तैयार किए गए हैं। प्लेटफॉर्मों पर धूप और बारिश से बचाव के लिए तीन प्लेटफॉर्म शेल्टरों का भी सुदृढ़ीकरण और विस्तार किया गया है।
अछनेरा जंक्शन का नवनिर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही लोकार्पण होगा।
-संजय गौतम, जन संपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे, आगरा मंडल