ट्रेनों को निशाना बनाने की घटनाओं के बाद आगरा रेल मंडल में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। ड्राइवरों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि ट्रैक पर किसी तरह की बाधा को देखकर तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाएं। गाड़ी के विलंब पर ध्यान नहीं देकर सुरक्षा पर ध्यान दें। इसके साथ ही आरपीएफ और जीआरपी को भी ट्रैक की निगरानी में लगाया गया है।
आगरा भांडई रेल लाइन पर अंडमान एक्सप्रेस को पलटने की साजिश रची गई। बड़ा पत्थर ट्रैक पर रखा मिला। इसके साथ ही धमकी भरा पत्र भी मिला था। शनिवार की सुबह कैंट स्टेशन के पास सिलसिलेवार दो धमाकों ने भी दहशत को बढ़ा दिया। 20 मार्च से जाट आंदोलन है। इन्हीं सब को देखते हुए आगरा मंडल में हाई अलर्ट घोषित किया है। कुछ भी हरकत होने पर जानकारी कंट्रोल रूम को दें। जब तक कंट्रोल से कोई निर्देश नहीं आए, गाड़ी नहीं चलाएं। इसके अलावा आरपीएफ के जवान और जीआरपी को भी हाई अलर्ट किया गया है। स्टेशन परिसर, रेलवे ट्रैक और ट्रेनों में निरंतर चेकिंग करने को कहा गया है। ट्रैकों पर निगरानी के लिए ट्रैक मैन, पेट्रोल मैन के साथ ही गेट मैन को भी निर्देशित किया गया है। अगले कुछ दिनों तक हाई अलर्ट बना रहेगा।
आगरा मंडल में हाई अलर्ट किया गया है। स्टेशन, ट्रेन और रेलवे ट्रैकों की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया।
-दिलीप कुमार सिंह, अपर मंडल रेल प्रबंधक, आगरा रेल मंडल
ट्रेन को खारी नदी में गिराने की थी साजिश
कुर्राचित्तरपुर। आगरा भांडई रेल लाइन पर शुक्रवार की शाम को ट्रैक पर वजनी पत्थर रखने वालों की साजिश अंडमान एक्सप्रेस को खारी नदी में गिराने की थी। अगर ट्रैक पर कुछ और पत्थर होते और ट्रेन की स्पीड तेज होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। शनिवार को आरपीएफ और जीआरपी यहां सक्रिय रही। दरअसल जिस स्थान पर पत्थर रखा गया था, वह खारी नदी के पास ही है। यहां वजनी पत्थरों के ढेर लगे हुए हैं। इन्हीं में से पत्थर उठाकर ट्रैक पर रखा गया था। पत्थर इतना वजनी था कि एक व्यक्ति उसे नहीं उठा सकता था। यही कारण रहा कि इंजन का कैटल गार्ड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस और जांच एजेंसियों के अफसरों ने जांच में पाया कि पत्थर दिन में ही रखा गया है। जहां पत्थर रखा गया है, वह बिल्कुल निर्जन स्थान नहीं है। लोगों की आवाजाही रहती है। पास में खेत भी हैं। आरपीएफ और जीआरपी के कर्मचारियों ने ग्रामीणों से पूछताछ भी की।
धमकी भरा पत्र लिखने वाले की सात गांव में तलाश
आगरा। ‘मोहम्द मीर्जा। कंपनी कमांडर आईएसआई। राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय संगठन पार्टी। कि तरफ से मेरा सलाम। उ. प्र. खाकी, उ. प्र. खादी को।’ पुलिस का कहना है कि भांडई रेलवे स्टेशन के पास गिट्टियों में दबे मिले पत्र की लिखावट आम है। पत्र लिखने वाला आसपास के किसी गांव का रहने वाला है। यह भी आशंका है कि पत्र किसी बच्चे से लिखवाया गया हो। क्योंकि उसमें शाब्दिक गलतियां भी कई सारी हैं।
पुलिस ने बताया कि पत्र किसी स्कूल की कापी के पेज पर लिखा है। ऊपर तारीख की जगह पर 2017 है। इन सबसे से अंदाजा लगाया जा रहा है कि पत्र लिखने वाला आसपास के किसी गांव का ही व्यक्ति हो सकता है। इसलिए पुलिस ने मलपुरा के गांव बाद, कुठावली, भांडई, इरादतनगर के गढ़ी नौहवार, बगिया श्यामलाल, मुबारकपुर और कागारौल के ट्रैक के पास के गांव में चेकिंग की। पुलिस स्कूलों में भी गई। पुलिस ने शिक्षकों से भी पूछताछ की। ग्रामीणों को पत्र भी दिखाया गया। एसपी ग्रामीण मंशा राम गौतम ने ग्रामीणों से भी वार्ता की। वहीं आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। डीआईजी महेश कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है। सात गांव में पुलिस को लगाया गया है।
अंडमान एक्सप्रेस पलटने की साजिश पर मुकदमा
आगरा। थाना मलपुरा क्षेत्र में भांडई रेलवे स्टेशन के पास अंडमान एक्सप्रेस को पलटने की साजिश मामले मेें अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया है।
बता दें, शुक्रवार को भांडई रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर पत्थर रख दिया गया था। इससे अंडमान एक्सप्रेस पलटने से बच गई थी। ट्रैक के पास ही एक खत भी मिला था। धमकी दी गई थी। इस मामले में जेई (पी वे) सुजान सिंह मीना ने मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें लिखा कि ट्रेन से एक पत्थर टकरा गया। गिट्टियों में दबा एक पत्र मिला, जिस पर आईएसआई की राष्ट्रीय संगठन पार्टी कंपनी कमांडर मोहम्मद मिजी की तरफ से लिखा है। ट्रैक सुरक्षित मिला। रेल अधिनियम की धारा 150 (क), आईपीसी 124 (ए), 506, 153बी, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3, 4, 5, विधि विरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम 1967 की धारा 13 और 14 में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी अज्ञात है। जांच की जा रही है।