लंबी दूरी की ट्रेनों में अक्तूबर ही नहीं नवंबर में भी नो रूम के हालात हैं। त्योहारी सीजन के कारण साप्ताहिक गाड़ियों में भी 26 नवंबर तक सीट नहीं मिल पा रही हैं।
रेलवे ने अभी तक केवल तीन स्पेशल ट्रेनें संचालित की गई हैं। टूंडला में मरम्मत कार्य के कारण कोटा-पटना एक्सप्रेस और सूरत मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस जैसी गाड़ियां भी आगरा से होकर नहीं गुजर रही हैं।
ट्रेनों में अक्तूबर में दिवाली के त्योहारों के कारण लंबी वेटिंग है। इसके बाद छठ पूजा के त्योहार के कारण मारामारी के हालात हैं। तमिलनाडु एक्सप्रेस, भोपाल शताब्दी में चार नवंबर तक नो रूम या रिगरेट है।
गोवा एक्सप्रेस में फर्स्ट एसी से लेकर थर्ड एसी और स्लीपर तक में वेटिंग 290 तक जा पहुंची है। यह हालात पांच नवंबर तक बने हुए हैं। गोंडवाना एक्सप्रेस, तेलगांना एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, केरला एक्सप्रेस, अजमेर सियालदाह, जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस, मुरी एक्सप्रेस, अमृतसर नांदेड़ एक्सप्रेस में भी सीटें नहीं हैं। राजधानी, शताब्दी और गतिमान एक्सप्रेस में भी सीट मिलना मुश्किल हो गया है।
ऐसे में यात्रियों ने साप्ताहिक, सप्ताह में दो या तीन बार चलने वाली ट्रेनों में रिजर्वेशन कराने की होड़ लगी हुई है। लोग साप्ताहिक ट्रेन के दिन के मुताबिक अपने सफर की तारीख बदल रहे हैं मगर इनमें भी सीटें खाली नहीं बच पा रही हैं। इंदौर-अमृतसर एक्सप्रेस, दुर्ग जम्मूतवी साप्ताहिक में 23 नवंबर तक सीटें नहीं हैं। इसी तरह जबलपुर-वैष्णोदेवी (सप्ताह में दो बार) में भी 26 नवंबर तक वेटिंग है।