कासगंज। बरेली मार्ग का विद्युतीकरण हो जाने के बाद भी इस मार्ग पर सफर करने वाले यात्री अभी इलैक्ट्रिक इंजन की गाड़ियों में सफर नहीं कर सकेंगे। बरेली रामनगर के बीच विद्युतीकरण न हो पाने से रेलवे ने फिलहाल इलैक्ट्रिक इंजन से ट्रेन संचालन के प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
कासगंज से बरेली सिटी के मध्य रेल लाइन के विद्युतीकरण का काम मार्च में पूरा होना था लेकिन कोरोना संकट के चलते लॉक डाउन लग जाने के बाद काम निर्धारित समय में पूरा नहीं हो सका। जून माह में विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाने के बाद 105 किमी लंबे इस मार्ग पर 100 किमी की रफ्तार से इंजन का परीक्षण कराया गया। अगस्त माह में सीआरएस निरीक्षण किया गया।
मार्ग के फिट पाए जाने के बाद इलैक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी मिल गई। रेलवे ने मार्ग पर 15 अक्तूबर से माल गाड़ियों का संचालन शुरू करा दिया। रामनगर बांद्रा एक्सप्रेस ट्रेन के शुरू हो जाने के बाद यह तय किया गया कि इस ट्रेन को कासगंज से बरेली तक इलैक्ट्रिक इंजन से तथा बरेली से रामनगर तक डीजल इंजन से संचालित किया जाएगा, लेकिन इस प्रस्ताव को रेलवे ने हरी झंडी नहीं दी। रेलवे का मानना है कि बरेली में डीजल इंजन बदलने में इस सुपरफास्ट ट्रेन को एक घंटे तक खड़ा रहना पड़ेगा। जिससे यात्रियों को असुविधा होगी।
बरेली राम नगर के बीच रेल मार्ग के विद्युतीकरण का काम चल रहा है। इस कार्य को पूरा होने में समय लगेगा। अभी कासगंज बरेली के बीच मालगाड़ियों का संचालन इलैक्ट्रिक इंजन के माध्यम से शुरू कर दिया गया है। जबकि ट्रेनों का संचालन शुरू होने में अभी समय लगेगा। राम नगर बांद्रा सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी कासगंज से रामनगर तक डीजल इंजन से ही चलाई जाएगी। -राजेंद्र सिंह, पीआरओ डीआरएम इज्जतनगर।