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‘महाघेराव’ से हांफ गई ‘लाइफ लाइन’

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एमजी राोड जाम - फोटो : अमर उजाला आगरा
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 भगवा ब्रिगेड के ‘महाघेराव’ के चलते शहर की लाइफ लाइन कही जाने वाली एमजी रोड तीन घंटे तक जाम रही। इससे आधा दर्जन से अधिक एंबुलेंस जाम में फंस गईं। इसके अलावा सिटी बसों के रोजमर्रा के यात्री और स्कूली वाहनों में बच्चे परेशान रहे।
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विहिप नेता अरुण माहौर हत्याकांड के विरोध में हुए प्रदर्शन के लिए एमजी रोड स्थित वाल्मीकि वाटिका के बाहर सभा आयोजित की गई थी। सड़क किनारे मंच बनाकर सामने ही लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई। पूर्वाह्न 11 बजे से ही धाकरान से लेकर नालबंद तक बैरियर लगाकर ट्रैफिक बंद कर दिया गया।
कलेक्ट्रेट से राजामंडी की ओर जाने वाले वाहनाें को पुलिस लाइन, पंचकुइयां होते हुए नालबंद पर निकाला गया। इसी तरह से राजामंडी से कलेक्ट्रेट की ओर आने वाले वाहनों को इसी रूट पर डायवर्ट कर दिया गया। इससे पचकुइंया पर भी जाम लग गया। वाहन रेंग-रेंग कर निकले।
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धाकरान से कलेक्ट्रेट चौराहा और नालबंद से राजामंडी चौराहा तक वाहनों की लंबी लाइन लग गई। दोपहर दो बजे प्रदर्शन खत्म होने के बाद ही एमजी रोड से बैरियर हटाए गए। इससे पहले केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया के जुलूस की वजह से भी एमजी रोड पर जाम की स्थिति रही। वह दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ प्रदर्शन में पहुंचे थे।

एंबुलेंस के लिए छोड़ दिया रास्ता
प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस को जाम में नहीं फंसने दिया। कुछ एंबुलेंस साइरन बजाती हुईं जैसे ही प्रदर्शन स्थल तक पहुंचीं, विहिप, बजरंग दल और अन्य हिंदूवादी संगठनों ने इन्हें निकालने के लिए रास्ता बनाया। पुलिसकर्मियों ने भी एंबुलेंस निकालने में मदद कराई।
सिटी बस यात्रियों को हुई परेशानी
सिटी बसें भी जाम में बुरी तरह से फंस गईं। ऐसे में तमाम यात्री धाकरान पर ही बसों से उतरकर पैदल ही राजामंडी की ओर चल दिए। बहुत से यात्रियों के हाथों में ही सामान लगा हुआ था। महिला यात्रियों और बच्चों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
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