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व्यापारियों को बजट से आस: बोले- ब्याज और कर में बढ़े छूट तो उद्योगों को मिले संजीवनी, नियम-कायदे हों सरल

Mon, 29 Jan 2024 03:34 PM IST
भूपेन्द्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में व्यापारियों को बजट से काफी आस है। कहा कि ब्याज और कर में छूट बढ़े तो उद्योगों को संजीवनी मिले। साथ ही नियम-कायदे और सरल बनें। 
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बजट 2024 - फोटो : self
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में व्यापारियों को बजट से काफी आस है। कहा कि ब्याज और कर में छूट बढ़े तो उद्योगों को संजीवनी मिले। नियम-कायदों को सरल किया जाए। रोडटेप योजना में वृद्धि हो। उद्योगों के लिए अलग बैकिंग व्यवस्था की जाए। आयकर में कटौती की जाए। ये मांगे हैं आगरा के उद्यमियों की। अंतरिम बजट से यहां के उद्यमियों को ढेरों उम्मीद हैं। क्या मिलेगा और क्या नहीं, यह एक फरवरी को तय होगा।

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ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) की बंदिशों में उद्योग-धंधे संकट से जूझ रहे हैं। गैर प्रदूषणकारी उद्योग भी आगरा में नहीं लग सके। ऐसे में जूता, लोहा, हैंडीक्राफ्ट सहित तमाम उद्योगों को अंतरिम बजट से संजीवनी मिलने की आस है। हालांकि उद्यमियों यह भी चर्चा है कि अंतरिम बजट महज चुनावी बजट होगा। बजट के बाद लोकसभा चुनाव होने हैं। गत बजट में भी आगरा के उद्योग खाली हाथ रहे थे। इन सभी के बीच भी उद्यमियों ने अंतरिम बजट से उम्मीदें लगा रखी हैं।

सामाजिक सुरक्षा की हो घोषणा

उद्यमियों के लिए अंतरिम बजट में सामाजिक सुरक्षा की घोषणा सरकार को करनी चाहिए। उद्योगों के लिए अलग बैंकिंग व्यवस्था की जाए। कम ब्याज दरों पर उद्योगों के लिए ऋण मिलना चाहिए। -पूरन डावर, अध्यक्ष, आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चरिंग एंड एक्सपोर्ट चैंबर

आयकर में छूट बढ़े

उद्योग धंधों के लिए जो नीतियां बनाई गई हैं, उन्हें सरल किया जाए। आयकर में छूट बढ़े। एमएसएमई में मानव संसाधन कम है। कागजी औपचारिकताएं बढ़ गई हैं। उद्योग धंधों को राहत मिले। - राजेश गोयल, अध्यक्ष, नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स

निर्यात प्रोत्साहन की है मांग

अंतरिम बजट से बहुत अधिक उम्मीद नहीं है। सरकार से निर्यात प्रोत्साहन की मांग है। रोडटेप योजना में निर्यातकों को अधिक फायदा होना चाहिए। आयकर में जरूर कटौती की जाए। - रजत अस्थाना, अध्यक्ष, हैंडीक्राफ्ट एसोसिएशन

जीएसटी में शामिल हो नेचुरल गैस

उद्योग धंधे नेचुरल गैस पर आधारित हैं। इसे जीएसटी में शामिल किया जाए। कीमतों में कमी आएगी। लोहे पर 18 फीसदी जीएसटी है, इसे घटाकर 12 फीसदी किया जाए। - अमर मित्तल, राष्ट्रीय सचिव, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

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