मऊ रोड स्थित सब्जी मंडी में बुधवार रात डेयरी मालिक फतेह सिंह की हत्या दबंगई कायम रखने को समाजवादी छात्रसभा के नेता आदित्य उर्फ एडी ने अपने साथियों के साथ की थी। मामले में एडी, उसके साथी दुर्गेश और कैफे संचालक के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। तीनों हत्यारोपी फरार हैं।
बता दें, मूल रूप से मथुरा के बल्देव के नगला बेर निवासी फतेह सिंह (40) मऊ रोड पर डेयरी चलाते थे। पिछले डेढ़ साल से परिवार के साथ कालिंदीपुरम में किराए पर रह रहे थे। बुधवार रात दुकान बंद करके वह पैदल ही घर लौट रहे थे, तभी कार सवार हमलावरों ने लाठी, सरियों से प्रहार करके उनकी हत्या कर दी थी। मामले में फतेह सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने छात्र नेता आदित्य ठाकुर उर्फ एडी, दुर्गेश और मस्कट साइबर कैफे संचालक सत्यनारायण परिहार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। फतेह सिंह के भतीजे कृष्णवीर ने बताया कि डेढ़ माह पहले पड़ोसी गांव कासिमपुर के दूधिया भोला चौधरी ने खंदारी में रहने वाले अपने परिचित के घर 90 हजार रुपये रखवाए थे। वह चोरी हो गए। फतेह सिंह दोनों ही लोगों से परिचित थे। उन्होंने मामले में मध्यस्थता की और 40 हजार रुपये वापस कराए। इसके बाद कहा था कि 20 हजार वह अपने पास से देंगे। मामला सुलझ गया था। खंदारी में रहने वाले छात्र नेता आदित्य ने भोला से कहा कि वह उसका पूरा पैसा वापस कराएगा। इसके बाद वह दुकान पर पहुंचकर फतेह सिंह को पूरा पैसा वापस कराने के लिए धमकी देने लगा। दोनों में कहासुनी हो गई। फतेह सिंह ने आदित्य को पीटकर भगा दिया। इस पर आदित्य रंजिश मान बैठा। उसने भोला को एलान दिया कि अब मामला पैसे का नहीं इज्जत का है। मैं खुद निपट लूंगा। इसी रंजिश में उसने फतेह सिंह की हत्या कर डाली।
दो दिन पहले लेबर से की थी मारपीट
डेयरी मालिक के घरवालों ने बताया कि खंदारी में किराए पर रहने वाला छात्र नेता आदित्य उर्फ एडी इलाके में गुंडागर्दी करता है। 14 मार्च की रात को उसने अपने साथियों के साथ फतेह सिंह की डेयरी के बाहर सो रहे मजदूरों को पीटा था। इस मामले में फतेह सिंह ने थाने में एनसीआर भी दर्ज कराई थी।
बाजार बंद, दुकानदारों में आक्रोश
डेयरी मालिक की हत्या के विरोध में गुरुवार को खंदारी के मऊ रोड का बाजार बंद रहा। दुकानदारों का कहना था कि अकसर ही इलाके के युवक रंगबाजी में मारपीट करते हैं। छात्र नेता एडी का आतंक काफी बढ़ गया है। दबंगों को मुंहतोड़ जवाब देने पर ही फतेह सिंह की हत्या कर दी गई।
साइबर कैफे दबंगों का अड्डा
खंदारी के मऊ बाजार में मस्कट साइबर कैफे सत्यनारायण परिहार का है। दुकानदारों ने बताया कि एडी अपने साथियों के साथ इसी कैफे में बैठता था। दिनभर गुंडागर्दी करते और दुकानदारों को धमकाते थे। इस चौराहे पर शाम होते ही आसपास के हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों का जमावड़ा लग जाता है। राह चलती लड़कियों से छेड़खानी करते हैं।
सपा छात्रसभा ने घोषित किया था उम्मीदवार
कुछ माह पहले डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की घोषणा होने पर सपा छात्रसभा ने पद्मचंद्र इंस्टीट्यूट में होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहे आदित्य ठाकुर उर्फ एडी को छात्रसंघ अध्यक्ष का उम्मीदवार घोषित किया था। बताते हैं कि एडी ने जगदीशपुरा क्षेत्र से किसी युवती को भी भगा लिया था। वह कई माह भूमिगत रहा। वह धौैलपुर का रहने वाला है, जबकि दुर्गेश भी छात्र राजनीति से जुड़ा है और बिजनौर का रहने वाला है।
घर में कोहराम
फतेह सिंह के दो बेटे शैलेंद्र और विक्रम हैं। दोनों हाईस्कूल और आठवीं के छात्र हैं। बड़ी बेटी वीनेश की शादी हो चुकी है। फतेह सिंह की हत्या से घर में कोहराम मच गया है।