सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि किरावली के मलिकपुरा में अरहर की दाल के नाम पर खेसारी दाल बेचते हुए अनीश निवासी फिरोजाबाद को लोगों ने पकड़ लिया। खाद्य विभाग की टीम पहुंची को इसके पास से 80 किलो खेसारी दाल जब्त कर नमूना लिया। पूछताछ में इसने कागरौल के घुरैला गांव में गोदाम बताया। इस पर टीम ने मंगलवार की देर रात गोदाम पर छापा मारा। यहां संचालक करीम निवासी फिरोजाबाद मिला।
इससे लाइसेंस मांगा तो ये दिखा नहीं पाया। ये गोदाम किराए पर था। इसमें 92 कट्टों में खेसारी दाल भरी हुई थी। इसका वजन 2760 किलो मिला। गोदाम को सील करते हुए दाल भी सीज कर दी है। जांच के लिए नमूने लैब भेज दिए हैं। इस दाल की बिक्री प्रतिबंधित है। इसके रैकेट में शामिल लोगों की जांच की जा रही है।
खेसारी दाल से लकवा का खतरा
खेसारी दाल में न्यूरोटॉक्सिन पाया जाता है। लंबे समय तक उपयोग करने से लैथरिज्म गंभीर बीमारी हो सकती है। इस बीमारी में शरीर का निचला हिस्सा लकवाग्रस्त और पैर सुन्न पड़ सकते हैं। जोड़ो में दर्द की परेशानी भी बन जाती है।
-डॉ. अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ