भीषण गर्मी में ताज का दीदार करने आ रहे पर्यटक बीमार हो रहे हैं। ऐसे में आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन ने एएसआई से मांग की है कि पर्यटकों को छाता दिया जाए। इसके साथ ही उन्हें ठंडा पानी भी उपलब्ध कराया जाए।
ताजमहल पर हर दिन भीषण गर्मी के कारण पर्यटकों की तबीयत खराब हो रही है। इसे देखते हुए आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन ने पर्यटकों को छाता और ठंडा पानी उपलब्ध कराने की मांग भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से की है।
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फाउंडेशन के सचिव और अधिवक्ता केसी जैन ने कहा कि ताज में टिकट लेने, सुरक्षा जांच और ताज से बाहर आने में दो घंटे का समय लग जाता है। यह बच्चों, बुजुर्गों और डायबिटीज के साथ ह्रदय रोगियों के लिए चुनौती है। 47.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गए तापमान में गर्मी और लू से बचाव के लिए पर्यटकों को ताजमहल के अंदर छाते और ठंडा पानी उपलब्ध कराया जाए।
सुबह और शाम को ही आएं पर्यटक
केसी जैन ने कहा कि गर्मी की छुट्टियों में 47.8 डिग्री तापमान में भी पर्यटकों की संख्या में कमी नहीं है। ऐसे में बेहतर होगा कि पर्यटन विभाग एडवाइजरी जारी करे कि ताजमहल में पर्यटक सुबह और शाम को ही आएं। दोपहर में गर्मी के कारण लू का शिकार होने की आशंका है। सीएसआर फंड से ताज पर पर्यटकों को छाता दिया जा सकता है।
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विदेशों में देते हैं छाता और पानी की बोतल
फाउंडेशन अध्यक्ष पूरन डावर के मुताबिक जिस तरह जापान के क्योटो में पर्यटकों को धूप से बचने के लिए पानी और छाते उपलब्ध कराए जाते हैं, वैसे ही आगरा में भी हो। इटली में वेटिकल सिटी और कोलोसियम में, फ्लोरेंस में, चीन में ग्रेट वॉल ऑफ चाइना और थाईलैंड में ग्रैंड पैलेस में ठंडा पानी और छाता उपलब्ध कराया जाता है।