ताजमहल में रविवार को मुगल बादशाह शाहजहां के 367वें उर्स का आगाज मुख्य मकबरे में मजार शरीफ पर गुस्ल की रस्म के साथ किया गया। गुलपोशी के बाद फातिहा और दुआ पढ़ी गई। इसके साथ ही तीन दिवसीय उर्स शुरू हो गया। आज उर्स का दूसरा दिन है।
ताजमहल में सोमवार को भी दोपहर दो बजे से उर्स के लिए प्रवेश निशुल्क कर दिया गया है। उर्स कमेटी के सदस्यों के साथ पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारी दोपहर दो बजे तहखाने के दरवाजे को खोला गया, जहां शाहजहां और मुमताज की असली कब्रें स्थित हैं।
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कमेटी के सैयद मुनव्वर अली, ताहिरउद्दीन ताहिर, आरिफ तैमूरी, इब्राहीम जैदी, फैज अली शाह, मिर्जा आशिम बेग आदि ने गुस्ल और संदल की रस्मों को अदा करके फातिहा ख्वानी और दुआ की। इस दौरान एएसआई के राजकुमार कपूर समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।